राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के राष्ट्रीय कार्यक्रम में, भोपाल ,मध्यप्रदेश के साहित्यकारों का रहा जलवा
भोपाल । साहित्यिक संस्था 'शब्दाक्षर' के बैनर तले गोमती नगर, लखनऊ के शानदार कसाया इन रिसार्ट में त्रिदिवसीय सम्मान समारोह सह कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, कार्यक्रम प्रमुख बुद्धिनाथ मिश्र एवं व्यवस्था प्रमुख संतोष हिन्दवी की देखरेख में आयोजित यह कार्यक्रम अत्यंत ही आकर्षक एवं उत्साहवर्धक रहा।कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन उपर्युक्त महानुभावों के अलावा जिला भोपाल की।
प्रचार मंत्री सविता बांगड़ सुर, की सरस्वती वंदना से हुआ, पश्चात शब्दाक्षर गीत की सुरमई प्रस्तुति भी की गई। प्रसिद्ध साहित्यकार भोपाल जिलाध्यक्ष श्री अशोकजी व्यग्र शहर की जानी मानी कवियत्री श्रीमती सविता बांगड़ सुर व साहित्य मंत्री डाॅ,प्रियंका श्रीवास्तव प्रियांजलि ने शिरकत की मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव खरे जी, राजकुमार महोबिया, लखन डेहरिया, कामना पाण्डेय, वरिष्ठ साहित्यकार बागरी दादा,अनिल मिश्र जी इत्यादि मध्यप्रदेश से १२साहित्यकारो ने हिस्सा लिया। भारत के 25 राज्यों से पहुंचे करीब 110 साहित्यकारों का स्वागत-सम्मान शब्दाक्षर का प्रतीक-चिन्ह एवं अंग-वस्त्र प्रदान कर किया गया। उक्त कार्यक्रम में अपनी काव्य-प्रतिभा का जलवा बिखेरते हुए विभिन्न क्षेत्रों से पधारे काव्य-कर्मियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीत ऋषि बुद्धिनाथ मिश्र ने अपने वक्तव्य में कहा कि हम शब्दाक्षरियों का मूल उद्देश्य हिन्दी को प्रचार -प्रसार के माध्यम से केवल भारत ही नहीं अपितु सम्पूर्ण विश्व में शीर्ष स्थान पर स्थापित कराना है। अध्यक्षीय उद्बोधन में रवि प्रताप सिंह ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि हिन्दी विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली तीसरी भाषा है परन्तु, हमें तब तक आत्मिक शांति नहीं मिलेगी जबतक यह प्रथम स्थान नहीं पा लेती। उन्होंने अगला राष्ट्रीय कार्यक्रम राजस्थान में होने की घोषणा कर शब्दाक्षर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।
उक्त अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों से पधारे उच्च स्तर के काव्यकार यथा लिंगम साहब, निशांत गुलशन,संत कुमार बाजपेई, सुबोध कुमार मिश्र, , अतुल गुप्ता जी इत्यादि के काव्य-पाठ भी अत्यंत ही मनोमुग्धकारी एवं उत्साहवर्धक रहे।

