ad

डॉ. कमल किशोर दुबे, साहित्यांचल भीलवाड़ा के राष्ट्रीय शिखर सम्मान से अलंकृत

डॉ. कमल किशोर दुबे, साहित्यांचल भीलवाड़ा के राष्ट्रीय शिखर सम्मान से अलंकृत




भोपाल के सुप्रसिद्ध कवि, लेखक, व्यंग्यकार, मंच संचालक एवं भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी डॉ. कमल किशोर दुबे को भीलवाड़ा राजस्थान की सुविख्यात साहित्यिक संस्था साहित्यांचल द्वारा अपने सर्वश्रेष्ठ सत्यनारायण मोदानी स्मृति शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया। इस सम्मान में शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, मुक्तामणि माला एवं 11000 रुपये की राशि से अलंकृत किया गया। यह भोपाल, मध्यप्रदेश एवं भारतीय रेलवे के लिए भी गौरवान्वित करने वाले क्षण थे जब श्री दुबे राष्ट्रीय स्तर के शिखर सम्मान से सम्मानित हुए।

     साहित्यांचल भीलवाड़ा के इस त्रयोदश राष्ट्रीय शिखर सम्मान समारोह का भव्य आयोजन 2 नवंबर 2025, रविवार को संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा ( राजस्थान ) के केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में सम्पन्न हुआ। संगम विश्वविद्यालय एवं साहित्यांचल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह की अध्यक्षता साहित्यांचल के मुख्य संरक्षक एवं संगम ग्रुप के चेयरमैन श्री रामपाल सोनी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रसन्न कुमार खमेसरा सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक एवं प्रो. करूणेश सक्सेना (कुलपति, संगम विश्वविद्यालय), श्री अमर चंद विश्नोई (पर्यावरणप्रेमी व समाजसेवी), बसंत सिंह सोलंकी ( राजस्थान साहित्य अकादमी ), राजेंद्र गोखरू सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में साहित्यांचल की अध्यक्षा प्रो. सविता टांक, संपादक सत्यनारायण व्यास, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा, सचिव रविकांत व्यास सहित कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर देश भर से आए 31 वरिष्ठ साहित्यकारों को  सम्मानित किया गया।

जिसमें "भोपाल के डॉ. कमल किशोर दुबे को सत्यनारायण मोदानी स्मृति शिखर सम्मान",  भोपाल के श्री अशोक व्यास को जमनालाल व्यास स्मृति सम्मान, भोपाल के श्री संजय जैन, अपर निदेशक जनसम्पर्क को व्यंग्य-कहानी सृजन सम्मान तथा श्री आसूदो लछवानी को मोतीशंकर चाण्डक स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया।

        इसके अलावा फिरोजाबाद के श्री रामसनेहीलाल “यायावर” को बद्रीलाल सोनी स्मृति सम्मान, जयपुर की डॉ. कंचना सक्सेना तथा मेरठ की प्रो. सरोजनी “तन्हा” को श्रीमती केसरबाई सोनी स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इस समारोह में अन्य साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया।  

     कार्यक्रम के दौरान डॉ. कमल किशोर दुबे ,भोपाल की “मन उपवन सुरभित हो जाए” मुक्तक संग्रह का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम के अंत में देश के 9 राज्यों से आमंत्रण पर पधारे साहित्यकारों ने काव्यपाठ कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम का संचालन रेखा लोढ़ा ने कुशलतापूर्वक किया।

समापन सत्र में साहित्यांचल के सचिव रविकान्त व्यास ने सभी अतिथियों, सम्मानित साहित्यकारों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्यांचल सदैव साहित्य, संस्कृति और सृजनशीलता के संवर्धन के लिए समर्पित रहेगा।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post