आज 28 अगस्त सुबह आंशिक चंद्र ग्रहण, लेकिन भारत में रहेगा अदृश्य – सारिका
नर्मदापुरम । आज (28 अगस्त) को रक्षाबंधन की पूर्णिमा पर अंतरिक्ष में एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण या डीप पार्शियल लुनर इकलिप्स लगने जा रहा है, जिसमें चंद्रमा का 96.3% हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया में छिप जाएगा और वह तांबे जैसा लाल दिखाई देगा । नेशनल अवार्ड प्राप्त ख्गोल विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि भारतीय भारतीय समय के अनुसार यह घटना सुबह के समय घटित होगी, जब भारत में चंद्रमा क्षितिज से नीचे रहेगा। यही कारण है कि यह चंद्र ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा ।
यह ग्रहण उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका , पश्चिमी यूरोप , पश्चिम अफ्रीका और अटलांटिक के कुछ भागों में देखा जा सकेगा ।
सारिका ने बताया कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी इस स्थिति में आती है कि पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा को पूरी तरह नहीं ढक पाती है बल्कि आंशिक भाग को ढ़कती है तो चंद्रमा का गहरी छाया से ढका भाग ग्रहणग्रस्त दिखाई देता है । इसे आंशिक चंद्र ग्रहण या पार्शियल लुनर इकल्प्सि कहते हैं ।
सारिका ने बताया कि एक गणितीय अनुमान के अनुसार विश्व की लगभग 41 प्रतिशत जनसंख्या इसे देख सकेगी । 12 अगस्त को हुये सूर्य ग्रहण के 15 दिन के अंतराल से यह घटना होने पर सोशल मीडिया में यह बताया जा रहा है कि 15 दिन के अंतर से ग्रहण होना अनिष्ट करता है जबकि वैज्ञानिक तथ्य यह है कि कोई भी ग्रहण अकेला नहीं होता है । हर ग्रहण जोड़ी के रूप मे 15 दिन के अंतर पर होता है । आज तक जितने भी ग्रहण हुये है उनके 15 दिन के अंतर पर दूसरा ग्रहण होता ही है । इसलिये आज का ग्रहण कोई अनोखी घटना नहीं है ।
आंशिक ग्रहण आरंभ प्रात: 08 बजकर 03 मिनिट 54 सेकंड
आंशिक ग्रहण समाप्ति दोपहर 11 बजकर 21 मिनिट 59 सेकंड
आंशिक ग्रहण की अवधि लगभग 03 घंटे 18 मिनिट
आगामी ग्रहण
06 फरवरी 2027 वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत मे नहीं दिखेगा
20-21 फरवरी 2027 उपछाया चंद्रग्रहण् भारत में दिखेगा लेकिन उपछाया ग्रहण
की मान्यता नहीं है
02 अगस्त 2027 पूर्णसूर्यग्रहण भारत में आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में दिखेगा
16-17 अगस्त 2027 उपछाया चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखेगा
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समाचार
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