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श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम जनपद गाजियाबाद इकाई में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुआ विराट कवि सम्मेलन



श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम जनपद गाजियाबाद इकाई में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हुआ विराट कवि सम्मेलन

झुका दो शीश श्रद्धा से गुरु के श्री चरणों में - राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार अशोक गोयल

पिलखुवा,मंच पर सभी श्रृद्धा और भक्ति के रंगे, कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि साहित्यकार आ.अशोक गोयल चक्रवर्ती जी ने की।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ कवयित्री आ.आशा बिसारिया जी ने सरस्वती वंदना से किया।विशिष्ट अतिथि आ.बीना गोयल जी ने अपने उद्बोधन से संस्था के कार्य एवं उद्देश्य पर प्रकाश डाला और समस्त कवियों को प्रोत्साहित किया।मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवयित्री परम आदरणीया  ऊषा सूद जी का सानिध्य प्राप्त हुआ।
गुरू पूर्णिमा पर्व को श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम जनपद गाजियाबाद द्वारा कवि सम्मेलन में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत की। डॉ स्नेह लता भारती, रजनी सिंह के संयुक्त संचालन ने कवि सम्मेलन को एक नये मुकाम पर पहुंचाया,कवि सम्मेलन में कवियों ने गुरु शिष्य प्रेम, शिष्य का गुरु के प्रति श्रद्धा और विश्वास,आदर भाव पर प्रकाश डाला जो आज के परिवेश में बहुत आवश्यक है,कवि सम्मेलन में शामिल काव्य पाठ करने वाले कवि, कवयित्री,आशा बिसारिया, रचना झा,शशि तिवारी गोंदिया महाराष्ट्र, डॉ कवि कुमार निर्मल बेतिया बिहार,पुष्पा निर्मल बेतिया बिहार,किरन अग्रवाल प्रतापगढ़ यूपी, रीता गांगुली फरीदाबाद, मोनिका डागा आनंद,किरन यादव दिल्ली, संजय जैन 'बीना'मुम्बई, डॉ ऋचा शर्मा श्रेष्ठा करनाल हरियाणा,आशा शर्मा इंदौर मध्यप्रदेश, ईश्वर चंद्र विद्यावाचस्पति कबीर नगर उत्तर प्रदेश, पंडित पुष्पराज धीमान भुलक्कड़, ज्योत्स्ना चौपड़ा अहमदाबाद, अंकिता पटेल संबलपुर उड़िसा,ज्योति बरनवाल नवादा ने भक्तिमय काव्य पाठ किया सभी श्रृद्धा भक्ति में डूबे आनंद से झूम उठे। श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम का उद्देश्य भारत की सोई चेतना को जागृत करना मानव जीवन में, जीवन मूल्यों को स्थापित करना रहा।राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि अशोक गोयल चक्रवर्ती ने उपस्थित सभी रचनाकारों का हृदय से आभार प्रकट किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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