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किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ करेगा उग्र आंदोलन


किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ करेगा उग्र आंदोलन

इटारसी । भारतीय किसान संघ द्वारा प्रदेश व्यापी ज्ञापन के तारतम्य में इटारसी तहसील द्वारा देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार इटारसी को सोंपा गया । भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष श्यामशरण तिवारी ने बताया कि भारतीय किसान संघ किसानों का किसानों द्वारा चलाए जाने वाला एक गैर राजनीतिक संगठन है जो 12 महीने किसान हित में निरंतर संघर्षशील रहता है, वर्तमान में किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु ज्ञापन तहसीलदार इटारसी को सौप एवं सभी समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग की अगर निराकरण नहीं किया जाता है तो भारतीय किसान संघ आंदोलन करेगा इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी ।

*ये है समस्याएं..*

1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा राशि भुगतान की पारदर्शिता सुनिश्चित कर जिले की शाखीपाल रिपोर्ट (वास्तविक उपज, ऐच्छिक उपज एवं उपज में कमी) अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाये, रिमोट सेंसिंग फसल सेटेलाइट बंद कर पुनः फसल कटिंग प्रयोग प्रारंभ किया जाये। कालू एवं मिर्च फसल को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल किया जावे।

2. सभी कृषि उपज मंडियों में उपज समर्थन मूल्य पर विक्रय हो इसके लिये सभी मंडियों में आधुनिक मानक परीक्षण, डॉक्यू टेस्टिंग तथा ग्रेडिंग मशीन लगाई जाये तथा ट्रेक्टर ट्राली का बड़े टायर कोर्ट (10 टन वाले) से अनुबंध हो तथा सभी मंडी 24 घंटे चालू रहने बंद होने पर संबंधित अधिकारी पर उचित कार्यवाही की जाए।

3. सोयाबीन के समर्थन मूल्य पर खरीदी के पंजीयन प्रारंभ किये जाए खरीफ की सभी फसलों धान मक्का, ज्वार एवं बाजरा की समर्थन मूल्य पर सरकार खरीदी करे।

4. पिछले 2 माह में रासायनिक उर्वरकों में प्रदेश के किसानों की फजीहत हुई है उसे अनदेखा न करे, सरकार अविलम्ब पर्याप्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करे, एन.पी.के. खाद पर डी.ए.पी. की तरह अनुदान (सब्सिडी) दी जाए तथा वितरण व्यवस्था सुगम बनाई जाए ताकि प्रत्येक किसान खाद ले सके।

5. खरीफ की फसलों की अतिवृष्टि आंधी एवं वायरस एवं अन्य बीमारी के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई की जाए, बीमा का लाभ दिलाया जाए।

6. कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं कोटा बढ़ाया जाए और जंगली पशुओं से फसल नुकसान की पूर्ति शासन द्वारा की जाए तथा फार्मिंग पर किसानों को अनुदान दिया जाए।

7. भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिये घोषित योजनाओं के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर किसान प्रतिनिधियों के साथ निगरानी समिति बनाई जाए।

8. भारतीय किसान संघ द्वारा बनाये गये FPO को खाद बीज मंडी व्यापार के लायसेंस व नाबार्ड द्वारा लोन सरलता से उपलब्ध कराया जाये एवं मालाम फेडरेशन को शासकीय सहायता उपलब्ध कराई जाये। प्रदेश में FPO निर्माण एजेंसी संचालन का बनाया जाये।

10. अमानक कृषि आदान सबसे बड़ी समस्या है इसके कारण उत्पादन लागत और उत्पादकता दोनों प्रभावित होती है कृषि आदानों में गुणवत्ता की कमी पाये जाने पर दोषियों पर सख्त का प्रावधान हो तथा जांच के बाद विक्रय की अनुमति दी जाए।

11. भारतीय गोवंश एवं दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिये देशी गाय के दूध पर 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाये। प्रदेश में कृषि न्यायालय की स्थापना की जाए।
12. किसानों को 10 घंटे पर्याप्त सिंचाई हेतु बिजली प्रदान की जाए, जले ट्रांसफार्मर शीघ्र बदले जाए, खराब पोल, झूलते तार का मेंटनेंस हो 

13-रजिस्ट्री होते ही साथ में ही नामांतरण दस्तावेज क्रेता को उपलब्ध कराए जाए।

14- खेतों के परंपरागत रास्ते नक्शे में अंकन किए जाए। खेत सड़क योजना प्रारंभ की जावे तथा इस योजना को VB-G RWM-G में शामिल किया जावे।

15- राजस्व विभाग प्रति तीन माह में एक पखवाड़ा जागरूकता अभियान गांव चलाए।

16- ट्रैक्टर ट्राली एवं अन्य कृषि यंत्रों की बीमा राशि न्यूनतम की जाए।

17- पारिवारिक बंटवारा पूरे परिवार के लिए मान्य होना चाहिए।

18- फौती नामांतरण तत्काल किया जाए, समय सीमा एवं जवाबदारी तय की जाए।

19-ऋण में कनेक्शन बिजली का पूरे प्रदेश में किया जाए।

20-जिस अवधि में जमीन की खरीदी बिक्री बंद रहती है उसे समय सीमा में किए गए एग्रीमेंट निरस्त न किए जाएं या किए जाएं।

21-निजी भूमि के इंडेंज दुरस्ती के अधिकार धारा 15, 116 के तहत अधिकार तहसीलदार को दिया जाए।

22- सरकार अनुकूल स्थान देखकर गी अभ्ययरण बनाया जाए।

23-बंदोबस्त के आधार पर पुराने नक्शे के आधार पर नक्शा सुधार किया जाए।

24- सौर ऊर्जा कनेक्शन सभी किसानों को मांगने पर दिए जाएं।

25-किसान मंच की बैठक तीन माह में की जाए।

26-विधि अनुसार व्यवहार नहीं करने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर सजा का प्रावधान हो।
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27-पूर्व के अनुसार परिवार के बीच आपसी सहमति से परिवार का कोई सदस्य कोई अन्य सदस्य को भूमि स्थानांतरित कर सके, ऐसी व्यवस्था स्थापित हो, साथ ही परिवार का कोई भी सदस्य (कृषि भूमि में) अपने भूमि से अपनी इच्छा से अपना हक छोड़ना चाहे तो तत्काल इसे भी स्वीकार किया जाए, तदनुसार उसका नामांतरण किया जाए।

28-किसी भी योजना में भूमि अधिग्रहण करते समय किसान को योजना की संपूर्ण जानकारी दी जाए, उनके सुझाव आपत्तियों का निराकरण कर, परिसंपत्तियों का ठीक मूल्यांकन कर, ग्राम सभा का अनुमोदन करने के पश्चात बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा दिया जाए ।

*ये रहे उपस्थित*
भारतीय किसान‌ संघ के ज्ञापन में तहसील अध्यक्ष श्यामशरण तिवारी, तहसील मंत्री सुभाष साध, नगर अध्यक्ष अविनेश चौधरी,जिला सदस्य मोरसिंह राजपूत, सरदार यादव, उपाध्यक्ष राजेश साध, जगदीश कुशवाह,प्रवक्ता नरेन्द्र गौर,कमल गालर,रामस्वरूप चौरे, राजू तोमर,ओपी महालहा, हरीश वर्मा,पिंटू चौधरी, शिवकुमार पटैल,राजकुमार चौधरी,दिलीप चौरे,शतीष कुमार,महेश तिवारी, लक्ष्मीनारायण यादव,ललित कुशवाह,प्रदीप गोस्वामी, आनंद मेहतो, अमित यादव,उमेश साध,आदि उपस्थित रहे ।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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