प्रभात साहित्य परिषद,भोपाल की
काव्य गोष्ठी संपन्न
भोपाल/ राजधानी की चर्चित संस्था प्रभात साहित्य परिषद द्वारा *व्यवहार* विषय पर काव्य गोष्ठी का आयोजन हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में वरिष्ठ गीतकार अशोक निर्मल के संरक्षण में एवं वरिष्ठ साहित्यकार महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में तथा वरिष्ठ साहित्यकार बलराम गुमाश्ता के मुख्य आतिथ्य में एवं वरिष्ठ गीतकार डॉ. प्रतिभा द्विवेदी के विशेष आतिथ्य में तथा डॉ. अनीता तिवारी के संचालन में किया गया ।
सरस्वती वंदना के उपरान्त काव्य गोष्ठी के आरम्भ में प्रदीप कश्यप ने पढ़ा " आचरण हैं गलत सभी, ठीक नहीं व्यवहार, उससे आश भलाई की रखना है बेकार " वहीं चरणजीत सिंह कुकरेजा ने पढ़ा " व्यवहार अपना रखना सद् ही सदा, चाहे कोई अपना हो या कोई सगा " वहीं डॉ. प्रतिभा द्विवेदी ने पढ़ा " सामाजिक सद्भाव का यही एक आधार, मानव- मानव में रहे मानवता व्यवहार" वहीं रमेश नन्द ने पढ़ा " मैने जिसको अपना समझा अपनेपन से प्यार किया है, मेरे संग जाने क्यों सबने सौतेला व्यवहार किया है " वहीं महेश प्रसाद सिंह ने पढ़ा " व्यवहार बनाने से पहले सार्थक चिन्तन किया करें, फसल उगाने से पहले बीज परिक्षण किया करें " वहीं कमल सिंह कमल ने पढ़ा " देखो तो होने लगा रिश्तों का व्यापार, लाभ हानि को देखकर सब करते व्यवहार " वही 40 रचनाकारों ने रचना पाठ किया अंत में अशोक निर्मल ने सभी का आभार व्यक्त किया और वरिष्ठ गीतकार जगदीश श्रीवास्तव के आकस्मिक निधन पर दो मिनिट का मौन धारण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
संस्थापक
रमेश नन्द
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