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काव्य : हर कोई आगे नहीं बढ़ पाता -अच्युत उमर्जी , पुणे , महाराष्ट्र



काव्य : 

हर कोई आगे नहीं बढ़ पाता 

मेरी सुबह तुमसे थी,
मेरी दोपहर तुमसे थी,
मेरी शाम तुमसे थी,
मेरी रात भी तुमसे थी...

मेरी खुशी तुमसे थी,
मेरी मोहब्बत तुमसे थी,
तुमसे ही था मेरा कल,
तुमसे ही मेरी हर ख़ुशी...

मेरी सुबह तुमसे थी,
मेरी दोपहर तुमसे थी,
मेरी शाम तुमसे थी,
मेरी रात भी तुमसे थी...

मेरी किताब का पहला पन्ना,
तुम ही तो थी...
मेरी किताब की पहली कविता,
तुम ही तो थी...
पहली कहानी तुम थी मेरी,
हर पन्ने पर नाम तुम्हारा था,
आख़िरी पन्ने तक भी मैंने,
बस तुमको ही पुकारा था...

मेरी हर सुबह की पहली सोच,
मेरी हर शाम का साथ थी तुम,
मेरी हर रात की आख़िरी सोच,
मेरी हर बात में बात थी तुम...

मेरी सुबह तुमसे थी,
मेरी दोपहर तुमसे थी,
मेरी शाम तुमसे थी,
मेरी रात भी तुमसे थी...

बावजूद इसके तुम मुझको,
छोड़ आगे निकल गयीं...
मेरी मोहब्बत ठुकराकर,
मुझे अकेला कर गयीं...

बदनाम मुझे कर गयीं तुम,
और खुद बेगानी हो गयीं,
जिसे अपना समझा था मैंने,
वो मेरी पराई हो गयी...

मेरी सुबह तुमसे थी,
मेरी दोपहर तुमसे थी,
मेरी शाम तुमसे थी,
मेरी रात भी तुमसे थी...

वक़्त गुज़रता गया मगर,
दिल वहीं ठहरा रह गया,
तुम आगे बढ़ती चली गयीं,
मैं वहीं ठहरा रह गया...

फिर अचानक तुम सामने आयीं...
बरसों बाद...
हम एक मेज़ पर बैठे,
कॉफ़ी के दो प्याले थे...
तुम पहले जैसी लग रही थीं,
बस मैं पहले जैसा नहीं था...
बिल आया तो मैं आगे बढ़ा,
बटुआ खोला मैंने...
और उसमें आज भी,
तुम्हारी तस्वीर थी...
तुमने तस्वीर देखी...
कुछ पल चुप रहीं...
फिर धीरे से पूछा—
“अब भी...?”

मैंने तुम्हारी आँखों में देखा,
और बस इतना कहा—
“हाँ...”
हाँ... आज भी...
तुम मेरी सुबह की सोच हो,
तुम मेरी रात का ख़्वाब हो,
तुम मेरी अधूरी कहानी हो,
तुम मेरा पहला प्यार हो...
तुम चली गयीं तो क्या हुआ,
दिल कहाँ आगे बढ़ पाया...
हर कोई आगे नहीं बढ़ पाता...
हर कोई आगे नहीं बढ़ पाता...

मेरी सुबह तुमसे थी...
मेरी रात तुमसे थी...
मेरी मोहब्बत तुमसे थी...
तुम आगे बढ़ गयीं...
मैं नहीं बढ़ पाया...
हर कोई...
आगे नहीं बढ़ पाता...

- अच्युत उमर्जी
पुणे महाराष्ट्र
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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