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दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मान कषाय छोड़कर उत्तम मार्दव धर्म को किया अंगीकार


दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मान कषाय छोड़कर उत्तम मार्दव धर्म को किया अंगीकार

जैन भजन तंबोला प्रतियोगिता में प्रियंका जैन ने एवं प्रश्नमंच में राजुल मोदी ने बाजी मारी

पर्यूषण महापर्व में धार्मिक अनुष्ठानों की मची धूम

तालबेहट(ललितपुर) सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कसबे के दोनों जैन मंदिरों में दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की धूम रही। सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुँचकर उत्तम मार्दव धर्म को अंगीकार किया। कसबे के पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पं. संतोष कुमार जैन शास्त्री अमृत के निर्देशन में अभिषेक-शांतिधारा, पूजन-विधान का आयोजन किया गया। संतोष शास्त्री ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा दूसरा दिन उत्तम मार्दव का होता है, जो हमें आठ प्रकार के मदों से दूर रहकर अभिमान को तजने की प्रेरणा देता है। इससे जीवन में मृदुता और विनम्रता आती है। वहीं वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में बाल ब्रह्मचारिणी मानी दीदी झाँसी के निर्देशन में अभिषेक-शांतिधारा की क्रियाएँ संपन्न की गयी। जिसमें नीलेश गरेठा, चक्रेश बुढ़पुरा, राजेंद्र नयाखेड़ा, धर्णेन्द्र खजराहा, अशोक कड़ेसरा एवं कपिल मोदी ने प्रमुख भूमिका निभाई। नित्यमय पूजन  के उपरांत भक्तामर एवं दशलक्षण महामंडल विधान किया। विधान मंडप पर अरुणा, अंजू, अलका, शिखा, सोनम, शेवी, मिनी एवं मुस्कान जैन ने अष्ट मंगल स्थापित किये। दोपहर की बेला में तत्वार्थ सूत्र का स्वाध्याय किया। सायं कालीन बेला में संगीतमय आरती में भक्तों ने झूमते नाचते हुए भक्ति प्रस्तुत की। श्रेष्टीजनों ने आचार्य श्री का चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन कर धर्म सभा का शुभारंभ किया। मानी दीदी ने धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए कहा सांसारिक विषय भोग अभिलाषा, वस्त्र-आभूषण नहीं छोड़ सकते हो तो यह दशलक्षण पर्व हमें इनको सीमित करना सिखाता है। उन्होंने कहा शांति आने से पहले ही लोग चाहत की क्रांति मचा देते हैं। हमें उपादान और विवेक को जागृत करना है। वास्तु का स्वभाव धर्म और हमारा स्वभाव क्षमा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रश्नमंच में राजुल मोदी विजयी रहीं। जैन भजन तंबोला प्रतियोगिता में प्रियंका जैन प्रथम एवं छायांशी जैन, रजत बबीना, वीर जैन, अनमोल भंडारी, नीतू जैन, अवनि भंडारी, अरविंद विरधा विजयी रहे। कार्यक्रम में सकल दिगंबर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने किया। आभार व्यक्त मंदिर समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन विरधा ने किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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