काव्य :
मेरे सपनों का आसमान
मेरे जीवन का सुनहरा फलक है
मेरे सपनों का नीला आसमान!!
बिखरे हैं जहां मन की विविधताओं के रंग
प्यार ,स्नेह,गरिमा, हर्ष और विषाद,
जीवन के रंगों में घुलता जहान,
मेरे सपनों का आसमान!!
हौसलों की सीढियों से तुम तक पहुंचना
और छू लेना अपनी पहचान।
तुमसे मिलने का अनुरागी लाल रंग
और बिछुडने का श्वेत-श्याम,
फूलों की मधुरिमा लिए
बगिया का मुस्काता मौसम,
बूंद बूंद रस बरसाता ,
खुशबुओं का करता रसपान
मेरे सपनों का आसमान!!
पतझड़ की सूखी, रंगहीन उदासी,
पलकों पर सोए आंसुओं की नमी भी
बह रही है नदी सी,
इस नीले समंदर में
और उमड़ता है भावनाओं का तूफान
मेरे सपनों का आसमान!!
- पद्मा मिश्रा , जमशेदपुर झारखंड
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