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सिंधी समाजजनों द्वारा महालक्ष्मी जी के सगड़ों का पूजन पश्चात हुआ विसर्जन


सतपुड़ा, खीर, सवैईया एवं हलवा की खुशबू से महकी सिंन्धी कालोनी की गलियाँ

सिंधी समाजजनों द्वारा महालक्ष्मी जी के सगड़ों का पूजन पश्चात हुआ विसर्जन

खंडवा। सिंधी समाज द्वारा भादों मास शुक्ल पक्ष की राधाअष्टमी से कच्चे सूत के 16 धागों पर 16 गठानें लगाकर हल्दी से पीला किया जाकर 16 दिनों के लिए आस्था एवं पूर्ण श्रद्धा से परंपरागत अनुसार महालक्ष्मी जी का सगडा पूजन कर कुटुंब की सुख समृद्धि की कामना के साथ परिवार के सभी सदस्यों की कलाइयों पर बांधा गया था। जिन्हें शनिवार को 16 दिनों पश्चात खोला जाकर महालक्ष्मी व्रत कथा सुन सगड़ा पूजन कर विसर्जित किया गया। यह जानकारी देते हुए राष्ट्रीय सिंधी समाज जिला प्रवक्ता निर्मल मंगवानी ने बताया कि श्राद्ध पक्ष के आठवें दिन महाष्टमी को महालक्ष्मी जी के इन पवित्र संगड़ो को अपनी कलाई से खोला जाकर विश्व भर में निवासरत समाज की महिलाओं द्वारा बड़ी संख्या में अलग-अलग स्थानों पर मंदिरों में जाकर पूरे विधिविधान एवं हर्षोल्लास के साथ महालक्ष्मी व्रत कथा सुनकर सतपुड़ा, खीर, सवैईया एवं हलवा के साथ सगड़ा पूजन कर विसर्जित किया गया। पूजन के लिए समाज की महिलाएं नगर के सिंधी बहुल क्षेत्रों के साथ अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संध्या काल सगडा सतपुड़ा व्यंजन पर लपेटकर खीर, सवैईया, हलवा एवं 56 प्रकार के व्यंजनों के साथ संध्या काल 6 बजें से देर रात्रि तक बड़ी संख्या में समाज के शिवधाम पं श्यामलाल शर्मा, बाबा प्रह्लादराज दरबार सिंधी कॉलोनी एवं पदम नगर पंडित भारद्वाज के यहां पहुंचेंगीं। जहां सगड़ा पर्व की महात्तम कथा का वाचन तत्पश्चात शिवधाम के पं.श्यामलाल शर्मा, पं धर्मेंद्र शर्मा, शांतिबाई संतलानी, पं प्रदीप भारद्वाज पं गोपाल भारद्वाज केी माताजी एवं द्वारा सगडा पूजन किया गया एवं पल्लव, अरदास के दौरान अष्टदात्री महालक्ष्मी जी से कुटुंब में सुख शांति एवं धन्यधान्य के भंडार भरे रहे की कामना की गयी। सगडा पूजन के दौरान सिंधी कॉलोनी, टैगोर कॉलोनी, पदम नगर, किशोर नगर, आनंद नगर, रघुनाथपुरम, सुमेर नगर, रामेश्वरपुरम, माधव नगर, ज्योति नगर, बादशाह नगर आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों से समाज की महिलाएं पहुंची।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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