ad

जैन साहित्य संगम तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में बही कविताओं की रसधार


 

जैन साहित्य संगम तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में बही कविताओं की रसधार 

हैदराबाद। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष्य में जैन साहित्य संगम संस्थान की तेलंगाना इकाई द्वारा ऑनलाइन चतुर्थ काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। 

तेलंगाना इकाई अध्यक्ष सरिता सुराणा ने सभी सम्मानित साहित्यकारों का शब्द पुष्पों से स्वागत एवं अभिनन्दन किया और नमस्कार महामंत्र के उद्घोष से गोष्ठी आरम्भ की। उन्होंने उज्जैन से वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्थान के  संरक्षक श्री कैलाश जैन तरल को इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करने हेतु मंच पर सादर आमंत्रित किया। वर्चुअल मंच पर उपस्थित सभी विद्वजनों ने करतल ध्वनि से उनका स्वागत किया। तत्पश्चात् तेलंगाना इकाई के उपाध्यक्ष अशोक दोशी ने स्वरचित सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की।

इस गोष्ठी में उदयपुर से संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगदीप जैन हर्षदर्शी, जावरा से राष्ट्रीय सचिव डाॅ.सी एम मेहता, मंदसौर से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती चंदा डांगी, नागदा जंक्शन से वरिष्ठ संरक्षक श्री राजेन्द्र कांठेड़ ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। संस्थान की अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष मंजूजी लोढ़ा ने अपने वाॅइस मैसेज के द्वारा कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।

हैदराबाद से अशोक दोशी ने अपने गीत और घनाक्षरियों के माध्यम से, शान्ता बैद ने कविता के माध्यम से भगवान महावीर के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शीतल जैन ने भगवान महावीर के भवों की बात बताई और कहा कि नयसार के भव में उन्हें सम्यकत्व प्राप्त हुई और अनेक भवों में भ्रमण करते हुए महावीर के रूप में मोक्ष प्राप्त किया। विशाखापट्टनम से श्रीमती कनक पारख ने अपनी कविता और घनाक्षरियों की शानदार प्रस्तुति दी। मुम्बई से कुसुम सुराणा ने भगवान महावीर के जीवन से सम्बन्धित एक लम्बी कविता का वाचन किया। राजेन्द्र कांठेड़ ने भक्ति भाव से परिपूर्ण गीत की प्रस्तुति दी तो डॉ सी एम मेहता ने अपने मुक्तकों के माध्यम से अपनी भावांजलि अर्पित की। सरिता सुराणा ने भगवान महावीर के चरणों में अपनी प्रार्थना रखी। जगदीप हर्षदर्शी ने अनुप्रास अलंकार से युक्त शानदार घनाक्षरी और एक समसामयिक रचना - बात-बात पर अब बम बरसता है का पाठ किया। उपस्थित सभी विद्वजनों ने मुक्त कंठ से उनकी प्रशंसा की। अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री कैलाश जैन तरल ने सभी सहभागियों की रचनाओं की सराहना की और इस महनीय आयोजन हेतु तेलंगाना इकाई को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने मालवी भाषा में बहुत ही भावपूर्ण गीत की प्रस्तुति दी। उनकी शानदार प्रस्तुति ने गोष्ठी को नयी ऊंचाईयां प्रदान की। 

इस गोष्ठी में तेलंगाना इकाई की सचिव श्रीमती हर्षलता दुधोड़िया और मुम्बई से श्रीमती चंचल जैन ने भी अपनी उपस्थिति दी। 

सरिता सुराणा ने सभी अतिथियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। बहुत ही उत्साहपूर्ण वातावरण में गोष्ठी सम्पन्न हुई। शीघ्र ही पुनः मिलने के वादे के साथ सबने विदाई ली।


सरिता सुराणा 

अध्यक्ष 

तेलंगाना इकाई 

हैदराबाद

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

1 Comments

  1. समाचार प्रकाशित करने हेतु आपका हार्दिक आभार व्यक्त करती हूं।

    ReplyDelete
Previous Post Next Post