काव्य : कान्हा आना मेरे अंगना - डॉ सत्येंद्र सिंह , पुणे
काव्य : कान्हा आना मेरे अंगना कान्हा आना मेरे अंगना, काम क्रोध मद भागें। तेरे नाम की ज्योति जलाकर, मन में …
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काव्य : कान्हा आना मेरे अंगना कान्हा आना मेरे अंगना, काम क्रोध मद भागें। तेरे नाम की ज्योति जलाकर, मन में …
व्यंग्य : मितव्ययिता राग जैसे संगीत सम्राट तानसेन के राग मल्हार छेड़ते ही आसमान में काले काले …
आर्थिक शक्ति बढ़ रही है, पर बौद्धिक शक्ति सीमाएँ लाँघ रही है [दुनिया जीत रहे भारतीय, लेकिन अपना देश हार रहा…
काव्य : गणित और जिंदगी गणित का नहीं है कोई तोल, ज़िंदगी में इसका बहुत ही मोल। बातें करो तो सबसे तोल, वरन…
बस्तर में बदलाव की बयार . सत्य प्रकाश , नयी दिल्ली बस्तर में 'बदलाव की बयार' है और मध्यभा…
कॉलेज चलो अभियान” के तहत शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु किया जा रहा प्रेरि…
स्वामी शांति प्रकाश आश्रम में पुरूषोत्तम मास कथा 17 मई से, होगा पांच दिवसीय आयोजन खंडवा। सिंधी कॉलोनी स्थित…
राष्ट्रीय सेमिनार में मनोचिकित्सक डॉ. मनोज तिवारी सम्मानित वाराणसी । मनोवैज्ञानिक निर्देशन परामर्श एवं अनुस…
नीट रद्द - बनाम युवाओं के जीवित सपनों की हत्या - डॉ हंसा कमलेश नर्मदापुरम किसी राष्ट्र को यदि भीत…
लघुकथा : प्रसाद डॉक्टर ने जैसे ही दरवाजा खोला, सरिता तेजी से उनके पास आई । मेरी बहू और बच्चा ? दोनों बि…