जनस्वास्थ्य पर बाजार का बढ़ता कब्ज़ा : ग्रामीण और गरीब भारत तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की चुनौती - डॉ. प्रियंका सौरभ , हिसार
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प्रख्यात व्यंग्यकार शरद जोशी को समर्पित व्यंग्य गोष्ठी हुई भोपाल । अखिल भारतीय साहित्य परिषद, भोपाल इकाई के…
काव्य : बनता मनुज गंभीर बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय सुसंस्कार ,यदि बो दिए ,तो सोच भी उन्नत होय, सु…
काव्य : हमे युद्ध नहीं चाहिए धरती की सीमाओं के इस पार और उस पार भी, वो कौन सी आग जलती है जो जलाती है, संवे…
डिजिटल दुनिया का काला सच : शिक्षित व्हाइट कॉलर आतंक [आतंक की नई पाठशाला: डेटा, ड्रोन और डिजिटल दिमाग] [लाल …
काव्य : पूर्ण नशा बंदी चढनी है यदि आपको सफलता की सीढी भूल से भी ना पीजिए निज जीवन में बीडी ना होगा कभी आप…
लघुकथा : कॉकरोच "अरे आज तुम याद से आफिस से आते वक्त कॉकरोच मारने का स्प्रे लेते आना, घर में बहुत क…
हॉकी कोच एवं सीनियर खिलाड़ी स्वर्गीय अमरसिंह शेखावत स्मृति हॉकी प्रतियोगिता का हुआ समापन खेलो इंडिया क्लब 2…
प्रवाह रुके न, स्वभाव बदले न , यही सिखाती हे गंगा मैया - पंडित हर्षित बाजपेयी इटारसी। द्वारकाधीश मंदिर इटारस…
कलमकार खुशबू बरनवाल 'सीपी' की तीन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ रांची। खुशबू बरनवाल 'सीपी' की ती…