लघुकथा का 'एक ही समय काल' नियम: अभिव्यक्ति की बेड़ियाँ या आवश्यक संक्षिप्तता? - विवेक रंजन श्रीवास्तव , भोपाल
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लघुकथा का 'एक ही समय काल' नियम: अभिव्यक्ति की बेड़ियाँ या आवश्यक संक्षिप्तता? - विवेक रंजन श्रीवास…
डॉ. अर्पण जैन वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेन्स द्वारा सम्मानित इंदौर। हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए निरंतर सक्रि…
साहित्य संस्कृति मंच की कार्यकारिणी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय राँची। झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच …
जैन साहित्य संगम तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित काव्य गोष्ठी में बही कविताओं की रसधार हैदराबाद। भगवान महावीर …
हॉर्मुज की आँच में जल सकती है भारत की पूरी विकास यात्रा [भारत की रसोई से लेकर बाजार तक, हॉर्मुज हर जगह क्यो…
दो दिवसीय दिव्य दृष्टि ट्राफी अंतर विश्वविद्यालयी ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट हुआ वाराणसी । काशी हिंदू विश्व…
वामा साहित्य मंच की गोष्ठी में सबहि नचावत राम गुसाई पर मंथन • रामचरित मानस जीवन की पाठशाला है। रिपोर्ट -सपन…
लघुकथा : मैग्मा की रसीद “आज का साहित्य चरित्रहीनों का होता जा रहा है।” वार्षिकोत्सव की साहित्यिक गोष्ठ…
सरोकार : 10 साल में 94 हजार सरकारी स्कूल हुए बंद - डॉ. चन्दर सोनाने, उज्जैन …
“दादी-नानी की कहानी सुनाने का युग लौट रहा है। स्टोरी टेलिंग युवाओं के लिए एक नया केरियर बन रहा है।” - संतोष…