चियांग माई विश्वविद्यालय, थाईलैंड में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
मंदसौर की डॉ. उषा अग्रवाल ने शोध पत्र प्रस्तुत किया
मन्दसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट
मंदसौर । थाईलैंड के चियांग माई विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के अंतर्गत लन्ना सेंटर फॉर बौद्ध स्टडीज द्वारा "बौद्ध जीवन: आधुनिक युग में बौद्ध विचार और अभ्यास की पड़ताल" विषय पर *द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी* का दो दिवसीय आयोजन विश्वविद्यालय के अंगकायव विला में किया गया।
इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में मंदसौर की डॉ उषा अग्रवाल विशेष रूप से आमंत्रित थीं और मुख्य विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया ।
इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य आधुनिक विश्व में बौद्ध धर्म के भिक्षु और गृहस्थ जीवन, विचार और व्यवहार के विभिन्न आयामों पर वैश्विक विद्वानों, शोधार्थियों और बौद्ध अभ्यासकर्ताओं के बीच संवाद स्थापित करना था।
संगोष्ठी का शुभारंभ चियांग माई में भारत के महावाणिज्य दूत *श्री प्रणव गणेश* के उद्घाटन वक्तव्य से हुआ।
मुख्य व्याख्यान *एडिलेड विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया* के सह-एसोसिएट प्रोफेसर *डॉ. जेम्स एल. टेलर* द्वारा दिया गया।
*डॉ. उषा अग्रवाल प्राध्यापक इतिहास विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महा विद्यालय मंदसौर द्वारा
इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शोध पत्र प्रस्तुत किया गया ।आपने शोध पत्र में बौद्ध भिक्षुणियों की समस्याएं और सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला ।
संगोष्ठी के समापन पर चियांग माई विश्वविद्यालय द्वारा डॉ. अग्रवाल को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
चियांग माई विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के डीन डॉ. रवी जैनसोंग ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बौद्ध दर्शन और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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