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गुरू महिमा : दोहे - डॉ कामिनी व्यास रावल,उदयपुर




 गुरू महिमा : दोहे 

मात - पिता हैं गुरु प्रथम, इन्हें नवाएँ शीश ।

धन्य वही जिनको मिले , इनका नित आशीष ।।


वर्णन ग्रंथों में किया, गुरु महिमा का गान

गुरु को पहले पूजिए, फिर पूजो भगवान 


महिमा गुरू अनंत है, गुरू ज्ञान भण्डार |

हरे तिमिर अज्ञान को, भर दे ज्ञान अपार ||


कृपा मिले गुरुदेव की  , मिले सदा यश नाम ।

रहें शरण इनकी सदा , पायें सब सुख धाम ।।


गुरू कृपा से ही चले, ये सारा संसार |

करें नमन गुरु चरण में ,होगा तब उद्धार ||


करें गुरू की वंदना, गुरु जीवन आधार |

रहें गुरू की शरण में, मुक्ति मिले हर बार ।।


मिली कृपा गुरुदेव की ,पाया ज्ञान अपार।

शब्द सुमन वर्षा करूँ, करूँ व्यक्त आभार ।।

 

- डॉ कामिनी व्यास रावल,उदयपुर

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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