ad

साहित्य उपवन रचनाकार का तृतीय वार्षिकोत्सव एवं हौसलों के हमसफ़र -2 पुस्तक का विमोचन सम्पन्न


 

साहित्य उपवन रचनाकार का तृतीय वार्षिकोत्सव एवं हौसलों के हमसफ़र -2 पुस्तक का विमोचन सम्पन्न

आजमगढ़ । साहित्य उपवन रचनाकार तृतीय वार्षिकोत्सव हौसलों के हमसफ़र भाग -2 का भव्य विमोचन अग्रसैन भवन यमुना विहार दिल्ली सैंकड़ों साहित्यिक हस्तियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दिल्ली एवं देश के विभिन्न राज्यों के रचनाकार शामिल हुए। मंच द्वारा सभी रचनाकारों का सम्मान अंग वस्त्र ट्राफी बैज एवं सम्मान पत्र द्वारा किया गया।सभी रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुति से महफ़िल में शमां बांध दिया। कार्यक्रम अध्यक्ष मुख्य अतिथि सारस्वत अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने अपने प्रेरणादाई उद्बोधन एवं काव्य पाठ से कार्यक्रम को आसमानी बना दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन से हुआ। सरस्वती वंदना सुधा बसोर सौम्या एवं स्वागत गीत अंशी कमल ने प्रस्तुत की। देहरादून से आई सन्नू नेगी संगीता बहुगुणा एवं पुष्पा कनवासी ने गढ़वाली में बेहद खूबसूरत देव वंदना प्रस्तुत की। हौसलों के हमसफ़र पुस्तक के बारे में अध्यक्ष रोहित रोज ने कहा कि यह पुस्तक बीस ऐसे किरदारों के हौसलों पर आधारित है, जिन्होंने कोई सुविधा न होते हुए भी अपने बुलंद हौसलें और जिद्दी जुनून से लक्ष्य हासिल करके समाज को प्रेरणा दी। इन किरदारों की जिंदादिली हर जिंदगी को लक्ष्य संधान के हेतु प्रेरणा प्रदान करती है। पुस्तक में देश भर के 75 रचनाकारों ने अपनी लेखनी से आहुति दी है। सारी रचनाएं निश्चित मापनी और विधाओं पर आधारित हैं। पुस्तक का संपादन साहित्य उपवन रचनाकार के रोहित रोज एवं कार्यकारी अध्यक्षा संगीता मिश्रा ने बड़े इत्मीनान से किया है। संस्था के संरक्षक अंतरराष्ट्रीय कवि डाॅ. राकेश सक्सेना जी ने पुस्तक का यथासमय और यथासंभव मार्गदर्शन किया है। सभी रचनाओं को परिष्कृत करने में डाॅ० राकेश सक्सेना, जगदीश गोकलानी, शशिकला नायक, अंशी कमल, कमला उनियाल, आर डी गौतम विनम्र, नंदन राणा नवल, रश्मि शुक्ल किरण, सुधा बसोर सौम्या एवं प्रमोद कुमार चौहान अहम योगदान दिया है। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ० महेश दिवाकर जी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में श्री रा‌मअवतार बैरवा जी, सहायक निदेशक, आकाशवाणी, दिल्ली और सारस्वत अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि डाॅ० अनिल बाजपेई जी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय गीतकार शायर डाॅ० अशोक मधुप जी, डाॅ० महेश वर्मा दिव्यमणि जी, डाॅ० ओमप्रकाश प्रजापति जी, ट्रू मीडिया संस्थापक, एवं श्री रजनीश त्रिवेदी जी, देहरादून विराजमान रहे। विशेष सानिध्य में सर्वश्री जय बहादुर सिंह राणा, गोल्डी गीतकार, नलिनी राज मौसम, शिवम झा कबीर,  निधि मानवी, कंचन वार्ष्णेय कशिश, एडवोकेट पवन मल्होत्रा, बेबाक बाराबंकवी, दिनेश कुमार, मदनलाल राज एवं जितेन्द्र जीत आदि की उपस्थिति रही। हौसलों के हमसफ़र रचनाकार जो इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु दूर दूर से दिल्ली पहुंचें वे हैं..फूलचंद्र विश्वकर्मा, आ डॉ. नरेश सागर, रेखा तिवारी, अनिता जोशी, युद्ध बीर सिंह बिष्ट, सिद्धि डोभाल सागरिका, पद्मा मोटवानी, पूर्णिमा पांडेय पूर्णा, संगीता बहुगुणा संगी, सुमन किमोठी वसुधा, सन्नू नेगी, पुष्पा कनवासी, डाॅ० निवेदिता शर्मा, राजकुमार अर्जुन, अवधेश कुमार आशुतोष जी, हुमा खातून देहलवी, रक्षा बौड़ाई हिलांश, बीरेंद्र डोबरियाल, आशा नेगी पंवार, करुणा अथैया किरण, छोटेलाल शुक्ल शील, अनु तोमर, सुभाष कुशवाहा, सुनीता ममगाई, अनिता काला अन्नु, प्रमोद कुमार चौहान आदि। साहित्य उपवन रचनाकार की कार्यकारणी का परिश्रम और उपस्थिति से कार्यक्रम सुनियोजित सम्पन्न हुआ। कार्यकारिणी में डाॅ सुनीता सक्सेना ममता की छांव, श्री जगदीश गोकलानी जी समन्वयक, अंशी कमल जी सह अध्यक्षा, सुधा बसोर सौम्या सचिव, आर डी गौतम विनम्र कोषाध्यक्ष एवं कृष्ण कांत मिश्र मीडिया प्रभारी शामिल रहे। कार्यक्रम को सुनियोजित और व्यवस्थित करने में कार्यकारी अध्यक्षा संगीता मिश्रा ने अहर्निश परिश्रम किया और प्रचार प्रसार करके दूर दूर तक पहुंचाया। कार्यक्रम का संचालन आर डी गौतम विनम्र ने दिलकश अंदाज में किया। अंत में गुरुमाता ने आशीर्वाद और अध्यक्ष रोहित रोज ने सभी का आभार व्यक्त किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post