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‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर इटारसी से देश को संदेश, बार बार चुनाव में लगने वाला संसाधन, समय और पैसा बचाना होगा


 ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ पर इटारसी से देश को संदेश, बार बार चुनाव में लगने वाला संसाधन, समय और पैसा बचाना होगा

इटारसी। नर्मदापुरम-नरसिंहपुर सांसद व भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी ने सोमवार को इटारसी के पं. भवानी प्रसाद मिश्र ऑडिटोरियम में आयोजित “वन नेशन, वन इलेक्शन” सम्मेलन में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज भारत की ग्रोथ रेट पूरी दुनिया में चर्चा का विषय है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुंचेगा।

उन्होंने ऐलान करते हुए कहा— “एक दिन ऐसा आएगा जब भारत नंबर वन होगा।”

1951 से 1967 तक होते थे एक साथ चुनाव

सांसद चौधरी ने बताया कि भारत में 1951 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराए जाते थे। मतदाताओं ने 1952, 1957, 1962 और 1967 में केंद्र और राज्यों के लिए एक ही बार वोट डाले थे। लेकिन इंदिरा गांधी सरकार ने 1968-69 में हरियाणा और केरल विधानसभा भंग कर इस परंपरा को तोड़ा। 1970 में लोकसभा समय से पहले भंग की गई और 1971 में अलग चुनाव हुए। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने की व्यवस्था देश के लिए बोझ बन गई है।

विधायक सीतासरन शर्मा का तर्क

कार्यक्रम में विधायक सीतासरन शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायाधीश भी एक देश-एक चुनाव की आवश्यकता पर सहमत हैं। बार-बार चुनाव देश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। हर छह महीने में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो जाती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि—

“एक ही मशीन पर दो बटन दबाकर एमएलए और एमपी दोनों के लिए वोट डाले जा सकते हैं। एक ही सभा, एक ही पोस्टर और एक ही खर्चे में चुनाव पूरे हो सकते हैं।”

राज्यसभा सांसद माया नारोलिया और अन्य नेताओं की राय

राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने कहा कि इससे देश का पैसा और संसाधन बचेंगे। बार-बार चुनाव की झंझट से कर्मचारियों और अधिकारियों को मुक्ति मिलेगी।

भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने कहा कि हर चुनाव में करोड़ों कर्मचारी लगते हैं। बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य रुक जाते हैं।

नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि पिछले 30 सालों का इतिहास गवाह है कि हर साल किसी न किसी स्तर पर चुनाव होते रहे हैं। लगातार चुनावी प्रक्रिया से समय, धन और संसाधनों की भारी बर्बादी होती है।

सम्मेलन के बाद रैली भी

सम्मेलन के उपरांत जयस्तंभ तक रैली निकाली गई, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

मंच पर मौजूद रहे

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, नर्मदापुरम नगरपालिका अध्यक्ष नीतू यादव, वरिष्ठ भाजपा नेता राजो मालवीय, पूर्व विधायक सविता दीवान, अर्चना पुरोहित, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला अध्यक्ष जयकिशोर चौधरी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष योगेंद्र राजपूत, भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल चौरे, पुरानी इटारसी मंडल अध्यक्ष मयंक मेहतो, भाजपा मंडल अध्यक्ष गोकुल पटेल, नर्मदापुरम शहर मंडल अध्यक्ष सागर शिवहरे, नर्मदापुरम मंडल अध्यक्ष रुपेश राजपूत सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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