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काव्य : विश्वबंधुत्व - आदित्य हरि गुप्ता, सीहोर


 काव्य : 

विश्वबंधुत्व


प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।

मानवता की स्वर लहरी में मधुर गीत नित गाओ।

प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।


हो अति दिव्य तुम्हारी रचना,

कलुषित भावों से नित बचना,

सुन्दर सरस सुललित कल्पना को साकार बनाओ

प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।


न्याय शास्त्र अध्यन तुम्हारा,

निर्बल जन का बने सहारा,

श्याम रंग में रंगो न मानस उज्जवल पथ अपनाओ

प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।


जाति भेद भाषा विवाद को,

सम्प्रदाय के कटुक नाद को,

गर्दभ रव समझो तुम कोकिल कंठ न उसे बताओ।

प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।


ईश्वर अल्ला नाम एक हैं ,

काशी काबा धाम एक हैं ,

गीता और कुरान दोनों का संगम पथ अपनाओ।

प्रिय तुम विश्व बन्धु बन जाओ।


- आदित्य हरि गुप्ता 

सीहोर (मध्य प्रदेश)

मोबाइल :- 8817084012

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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