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रोगों से मुक्ति के लिए प्रकृत्ति सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक - शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ


 

रोगों से मुक्ति के लिए प्रकृत्ति सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक - शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ

तन से ही नहीं मन से भी प्रकृति से जुड़ना हितकारी - आयुष मंत्रालय सलाहकार डॉ वार्ष्णेय 

आरोग्य भारती की स्वस्थ जीवन शैली केन्द्रित संगोष्ठि सम्पन्न

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

मंदसौर । हमारी वैदिक पद्धति अनादिकाल से सशक्त रही है। मानव जगत को हर प्रकार के रोगों से मुक्त करने के लिए प्रकृति ने हमें पेड़ पौधों वनस्पति के रुप में विभिन्न औषधियां प्रदान की है। प्रकृति हमारी सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक है। उक्त बात आरोग्य भारती मंदसौर नीमच गरोठ विभाग द्वारा आयोजित स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियां एवं स्वस्थ जीवन शैली विषय पर आयोजित वृहद संगोष्ठि में जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ भानपुरा पीठ ने कुशाभाउ ठाकरे ऑडिटोरियम मंदसौर में कही।

शंकराचार्य स्वामी श्री ज्ञानानंद जी तीर्थ ने  कहा मनुष्य के अनुपात में जानवर कम बीमार होते है। क्योंकि वे दिनभर दौड़भाग करते हुए शारीरिक श्रम करते है। पहले हम कुओं का पानी पीकर स्वस्थ रहते थे। लेकिन आज कुए बंद कर दुषित पानी पीकर बीमार हो रहे है। आंवला उदर रोग के लिए और अर्जुन का वृक्ष हृदय रोग के उपचार में वरदान सिद्ध हुआ है। आपने समाज ओर सरकार को आव्हान किया कि खाली जमीन पर ओर अन्य स्थानों पर आंवले, अर्जुन के पौधे लगाने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले डीजे बंद करवाने की भी बात कही । सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ ध्वनि प्रदूषण वायु प्रदूषण नियंत्रण को गंभीरता पूर्वक लागू करना चाहिए तभी भविष्य सुरक्षित हो सकेगा ।

व्याख्यान सत्र के प्रमुख वक्ता आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव एवं केंद्रीय आयुष मंत्रालय सलाहकार डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि हमें स्वस्थ रहने के लिए संतुलित जीवन शैली व संतुलित आहार को अपनाना होगा। 

तन के साथ मन से भी प्रकृति से जुड़ना हितकारी है। 

दृढ़ संकल्प व इच्छाशक्ति और उपचार से गंभीर रोगों से भी मुक्ति पाई जा सकती है । हम आहार विहार का पालन करें और विरूद्ध प्रकृति खाद्य पदार्थों से बचें । जब हम गर्म भोजन शीघ्र पाचन के लिए करते है, लेकिन भोजन के बाद ठंडा आइसक्रीम सेवन कर पाचन क्रिया को पांच से छह घंटे शिथिल कर आगे बढ़ा देते है। 

डॉ वार्ष्णेय ने कहा शाम के भोजन व रात्रि विश्राम के बीच 3 घंटे का अंतराल होना चाहिए। 

हम धड़ल्ले से विरुद्ध आहार का सेवन कर रहे है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। शोध के निष्कर्ष आधार पर हम संतुलित दिनचर्या व आहार और व्यायाम से अपनी वंशानूगत गंभीर रोगों पर भी 62 प्रतिशत नियंत्रण कर सकते है। कृषि विश्व विद्यालय सीहोर के कुलपति डॉ इन्द्रसिंह तोमर ने भी विचार रखेओर कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में रासायनिक उर्वरक नियंत्रित करे ताकि रोगों से बचा जा सके।

 व्याख्यान आयोजन में उद्यानिकी महाविद्यालय मंदसौर द्वारा औषधि फसलों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई इसका उद्घाटन जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ एवं आरोग्य भारती राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ अशोक वार्ष्णेय ने किया ।

इसके बाद अतिथियों द्वारा आयुर्वेद प्रवर्तक भगवान धनवंतरी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया । 

संगोष्ठी में व्याख्यान से पूर्व शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ आरोग्य भारती राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ अशोक वार्ष्णेय, प्रांत अध्यक्ष डॉ. विष्णुसेन कछावा, उद्यानिकी महाविद्यालय डीन डॉ इंद्र सिंह तोमर, जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश बोराना, समाजसेवी प्रहलाद काबरा का शॉल, श्रीफल व प्रतीक चिन्ह भेंट कर समाजसेवी दृष्टानंद नैनवानी, सिंधी समाज अध्यक्ष वासुदेव सेवानी, डॉ. मनीषा मेहता, संजय गुप्ता (टीटू) डॉ अभिनव पारीख, पुष्पेन्द्र भावसार, किशोर खटबड़, आनंद सिंह तोमर, भगतराम पाटीदार, कैलाशचन्द चौहान,  दीपक सैनी आदि ने सम्मान किया। 

भगवान धनवंतरी प्रार्थना  महिला इकाई अध्यक्ष श्रीमती बंटू भूत ने प्रस्तुत किया। स्वागत् भाषण संरक्षक अशोक कुमठ ने दिया। 

इस अवसर पर पर समाजसेवा पर्यावरण जलसंरक्षण के लिए गोपालकृष्ण पंचारिया, पशु सेवा के लिए ओम बड़ोलिया, मानव सेवा के लिए जगदीश माली को उत्कृष्ट सेवा सम्मान, प्रशस्ति पत्र जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ एवं अतिथियों ने प्रदान किये । 

इस अवसर पर साहित्यकार डॉ. पूरण सहगल मनासा, कवि प्रमोद रामावत नीमच का भी सम्मान किया। कार्यक्रम संचालन वरिष्ठ पत्रकार डॉ. घनश्याम बटवाल ने किया। आभार डॉ जवाहरसिंह मंडलोई ने माना। 

कार्यक्रम में आरोग्य भारती के नीमच, मंदसौर, गरोठ, सीतामउ, मल्हारगढ़, पिपलिया, जावरा के सदस्यों आरोग्य मित्रों के साथ ही पूर्व न्यायमूर्ति जी डी सक्सेना पूर्व न्यायाधीश श्री आर एस चुंडावत गुरुचरण बग्गा भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित पूर्व अध्यक्ष मानसिंह माछोपुरिया, पूर्व विधायक यशपालसिंह सिसोदिया व देवीलाल धाकड, भाजपा जिला महामंत्री विजय सुराना, मेडीकल कॉलेज डीन डॉ. शशि गांधी, डॉ. प्रेरणा ठाकरे, दशरथसिंह झाला, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोविन्दसिंह चौहान महेन्द्र सिंह परिहार बी एस सिसोदिया रविन्द्र पांडेय अजीजुल्लाह खालिद नरेंद्र त्रिवेदी ब्रजेश जोशी प्रमोद पारीक  बंशीलाल टांक डॉ रवीन्द्र सोहनी डॉ एल ऐन शर्मा भगवती प्रसाद गेहलोत नरेंद्र भावसार अभिमन्यु सिंह मंडलोई राजेन्द्र तिवारी नंदकिशोर राठौर रमेश चंद्र चंद्र श्याम सुंदर देशमुख चंद्रकांत शर्मा कन्हैया लाल सोनगरा डॉ प्रवीण सिंह मंडलोई सहित गणमान्य नागरिक एवं प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में मौजूद रहे

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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