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शासकीय कन्या महाविद्यालय में 'मानसिक तनाव एवं प्रबंधन' पर कार्यशाला : विशेषज्ञों ने सिखाए तनाव मुक्ति के गुर


 

शासकीय कन्या महाविद्यालय में 'मानसिक तनाव एवं प्रबंधन' पर कार्यशाला : विशेषज्ञों ने सिखाए तनाव मुक्ति के गुर

सकारात्मक सोच और समय नियोजन से ही संभव है तनाव मुक्ति: डॉ. आर.एस. मेहरा

इटारसी । उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में  मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से *मानसिक तनाव: कारण एवं प्रबंधन* विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यस्थल पर होने वाले तनावों व उनके निराकरण पर चर्चा की।

​​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.एस. मेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मानसिक तनाव एक वैश्विक समस्या बन चुका है। उन्होंने तनाव के विभिन्न कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि समय रहते तनाव का सही प्रबंधन न किया जाए, तो यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है। उन्होंने सकारात्मक सोच और अनुशासन को तनाव मुक्ति का मुख्य आधार बताया। राज्य आनंद केंद्र से प्रशिक्षित प्राध्यापक नीतू अहिरवार एवं अमन वर्मा ने सभी को तनाव चक्र और उससे बाहर निकलने के उपायों से अवगत कराया। प्रशिक्षण के दौरान एक विशेष वीडियो भी साझा किया गया, जो कार्यस्थल पर तनाव के कारणों और उसके वैज्ञानिक प्रबंधन को दर्शाता था। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. हरप्रीत रंधावा ने कहा कि तनाव केवल कार्य के दबाव से नहीं, बल्कि असंतुलित जीवनशैली से भी उपजता है। यदि हम अपने समय का सही नियोजन करें और कार्यस्थल पर सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखें, तो तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। महाविद्यालय टास्क फोर्स नोडल अधिकारी डॉ. हर्षा शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए संवाद, सहयोग और आत्मनियंत्रण अत्यंत आवश्यक हैं। कार्यक्रम संचालक डॉ. शिरीष परसाईं ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को न केवल मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण निर्माण में भी सहायक होते हैं। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकों ने कार्यस्थल पर होने वाले तनाव, उनसे उत्पन्न समस्याओं और उनके प्रबंधन के संबंध में अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। सभी ने माना कि साझा प्रयासों और सकारात्मक दृष्टिकोण से किसी भी प्रकार के तनाव पर विजय पाई जा सकती है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सकारात्मक कार्य वातावरण को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित सभी शिक्षकों ने इसे अत्यंत उपयोगी माना। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


प्राचार्य

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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