तेरे आंचल से बड़ा मां ये संसार नहीं है, विराट कवि सम्मेलन सम्पन्न
इटारसी । आप आप हम और समस्त नगर वासी संस्था के द्वारा कला साहित्यिक सांस्कृतिक मंच के सहयोग से विराट कवि सम्मेलन का आयोजन श्रीमद् भागवत कथा पंडाल सुधार न्यास कॉलोनी में संपन्न हुआ। कथावाचक सुनील आनंद महाराज कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि रहे।आशीष भदौरिया एवं जागृति भदौरिया ने व्यासगादी एवं भागवत कथा महाराज सुनील आनंद का पुष्पहार से स्वागत किया।
कला साहित्यिक सांस्कृतिक मंच के सदस्यों ने आमंत्रित कवियों का शाल श्रीफल एवं पुष्पहार से स्वागत किया।
मंच अध्यक्ष राजकुमार दुबे ने स्वागत भाषण दिया।
कवियत्री मंगला केवट की सरस्वती वंदना की प्रस्तुति से कवि सम्मेलन आरंभ हुआ।
गीतकार नर्मदा प्रसाद हरियाले नर्मदापुरम की मां नर्मदा को समर्पित कविता मन निर्मल, तन पवन करने वाली नर्मदा मां, करते हैं आपको नमन। हास्य व्यंग कवि पवन प्रबल पिपरिया विश्वासों को छलछंदों तक ले आए हैं ,रिश्तो को अब हम धंधों तक ले आए हैं ,जीवन के मूल्य गंवा बैठे हैं हम, संबंधों को अनुबंधों तक ले आए हैं। गीतकर सतीश शमी पथरोटा जीवन में हमें यदि कुछ पाना है,तो हमें अपने मां-बाप के चरणों में सिर झुकाना है। गीतकार मंगला केवट नर्मदा पुरम शरण जिनकी रहूं उनको मैं आठो याम लिखती हूं, जहां मेरे प्रभु रहते, उसी को धाम लिखती हूं। गीतकार मनोज हिंदुस्तानी शाहपुर बैतूल तेरे आंचल से बड़ा मां ये संसार नहीं है, तू साथ जिसके उसकी कभी हार नहीं है।
ब्रजकिशोर पटेल सायकल पर भी कल तक जो चढ़ ना सकी,आसमानों में ऊंची उड़ी बेटियां,चूड़ियों की तरह टूट जाती थी जो आज दुश्मन से जमकर लड़ीं बेटियां। नदी की पीड़ा व्यक्त करते हुए कथा वाचक सुनील आनंद महाराज की कविता सदियां बीत गई बंधन में,दीवानों अब रहने दो, मत बांधो तुम पानी को, इसको खुलकर बहने दो,से विराट कवि सम्मेलन का समापन हुआ।
कवि सम्मेलन के संचालक हास्य व्यंग कवि ब्रजकिशोर पटेल के संचालन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर बांधे रखा। रात्रि 12:00 बजे तक चले कवि सम्मेलन का सैकड़ो रसिक श्रोताओं ने तालियां बजा,बजाकर आनंद उठाया। आभार मंच के सदस्य रामचरण नामदेव ने जताया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ दिनेश प्रजापति, राम चरण नामदेव अशोक मालवी, अखिलेश दुबे, रामविलास यादव आनंद दीवान, हैप्पी शर्मा, विजय राव नाईक,का सराहनीय योगदान रहा।
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