संजीव वर्मा के स्वागत में काव्य गोष्ठी संपन्न
रांची । मोरहाबादी स्थित कुसुम विहार के शांति इन्क्लेव में सोमवार को एक लघु काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कवियों ने जीवन, प्रकृति, समाज और देश से जुड़े विषयों पर अपनी रचनाएँ सुनाईं। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' ने की, जो जबलपुर से पधारे थे। उल्लेखनीय है कि वे हिंदी की महान कवयित्री महादेवी वर्मा के भतीजे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग़ज़लकार हिमकर श्याम के ग़ज़ल पाठ से हुआ। अपनी उम्दा ग़ज़लों की प्रस्तुति से उन्होंने उपस्थित जनों को भाव-विभोर कर दिया। साथ ही प्रकृति पर आधारित कुछ दोहे भी प्रस्तुत किए। वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ ने सॉनेट, हाइकु, गीत, नवगीत, नवगीत और लघुकथा प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया। वरिष्ठ कवि निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने ‘मैं शब्द हूँ’ और ‘कविता’ शीर्षक से अपनी रचनाओं का पाठ किया, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। श्री साहित्य कुंज की संस्थापिका एवं कवयित्री मनीषा सहाय ने लावणी छंद में अपनी रचनाओं का पाठ किया, वहीं कवयित्री नीता शेखर ने नारी विषय पर एक प्रभावशाली कविता सुनाई। अंत में गोष्ठी के अध्यक्ष आचार्य संजीव वर्मा ‘सलिल’ ने छंद और सॉनेट की परंपरा पर अपने विचार रखते हुए साहित्यिक विधाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी का समापन साहित्यिक संवाद और काव्य-चर्चा के साथ हुआ। गोष्ठी में साहित्यिक संवाद और काव्य-चर्चा भी हुई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। गोष्ठी में सरोज श्रीवास्तव, संजय वर्मा, मधुकर श्याम, डॉ इरा, शक्ति, असीम शौर्य, नीतू नायक आदि उपस्थित थे।
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