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काव्य : ग़ज़ल - किशन तिवारी भोपाल


 काव्य : 

 ग़ज़ल


आप की बातें अलग हैं सच मगर बिलकुल अलग 

है यहाँ सब कुछ वही   लेकिन उधर बिलकुल अलग 


आपने तो लिख दिया सच की विजय होती सदा

सत्य को मिलता परीक्षा में सिफ़र बिलकुल अलग 


 पंक्तियों में जो खड़ा है उसका नम्बर आएगा 

और जिसका आएगा उस शख़्स का नम्बर अलग 


रोशनी को आपने जब क़ैद मुट्ठी में किया 

रात तो जाती नहीं है अब सहर बिलकुल अलग 


आप मिलते हैं मुझे फिर किसलिए हर दिन जनाब 

आप का रस्ता  जुदा मेरा सफ़र बिलकुल अलग 


रास्ते अपने मिलेंगे सिर्फ़ सच की राह पर 

चल पड़ेंगे लोग सब होंगी डगर बिलकुल अलग 


- किशन तिवारी भोपाल 

9425604488

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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