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प्रदेश में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले श्रम विभाग को सूचना देना अनिवार्य - श्रम पोर्टल पर करना होगा पंजीयन


प्रदेश में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले श्रम विभाग को सूचना देना अनिवार्य - श्रम पोर्टल पर करना होगा पंजीयन

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी जेल और जुर्माना

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

 मंदसौर / प्रदेश में श्रम विभाग द्वारा निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वस्थ कार्य परिवेश सुनिश्चित करने और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत अब सभी निर्माण स्थलों पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए 'श्रम सेवा पोर्टल' मोबाइल ऐप के माध्यम से निर्माण स्थल का विवरण, कर्मचारियों की संख्या और लोकेशन सहित अन्य आवश्यक जानकारियां एकत्र की जा रही हैं, जिससे नियोजक श्रमिकों को दी जा रही सुविधाओं का विवरण दे सकें।

भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम 1996 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी भवन या निर्माण कार्य को प्रारंभ करने से कम से कम 30 दिन पहले संबंधित क्षेत्र के अधिकारिता रखने वाले निरीक्षक को इसकी सूचना देना वैधानिक रूप से अनिवार्य है। नियोजकों को निर्माण स्थल और वहां अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी साझा करनी होगी।
 यह सूचना एम.पी.बी.ओ.सी.डब्ल्यू. (MPBOCW) के ऑनलाइन पोर्टल या जिला श्रम कार्यालय के माध्यम से दी जा सकती है। निर्माण कार्य की पूर्व सूचना न देना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित नियोक्ता पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

श्रम अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई नियोजक धारा 46 के अधीन निर्माण कार्य शुरू करने की पूर्व सूचना देने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर नियोक्ता को तीन महीने तक के कारावास, दो हजार रुपये तक के जुर्माने या फिर दोनों सजाओं से दंडित किया जा सकता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के सभी निर्माण विभागों को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले श्रम विभाग को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए आम नागरिकों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया है। 

जिला श्रम अधिकारी ने बताया कि कोई भी जागरूक नागरिक ‘श्रम प्रहरी’ की भूमिका निभाते हुए ऐसे किसी भी निर्माण स्थल की जानकारी दे सकता है, जिसकी सूचना श्रम विभाग को न दी गई हो। इसके लिए विभाग द्वारा एक विशेष कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-8888 जारी किया गया है, जिस पर आमजन अपनी सूचना दर्ज करा सकते हैं।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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