पुष्य नक्षत्र में 16 अप्रैल को नामांकन दाखिल करेंगे सिंधिया
-- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य के नामांकन दाखिले के बाद होगी विशाल जनसभा
-- सत्ता और संगठन की एकजुटता दिखाने के लिए जुटेंगे पार्टी के दिग्गज नेता
अशोकनगर। मुकेश तिवारी।
लोकसभा चुनाव में गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 16 अप्रैल मंगलवार को नामांकन दाखिल करेंगे। सिंधिया पुष्य नक्षत्र और चैत्र नवरात्र की महाअष्टमी के शुभ संयोग में नामांकन भरने पहुंचेंगे। इस दौरान सत्ता और संगठन के दिग्गज उनके साथ रहेंगे। नामांकन दाखिले के बाद विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। जहां करीब 15 हजार पार्टी कार्यकर्ताओं सहित भाजपा सरकार की योजनाओं के लाभार्थी व आम नागरिक भी जुटेंगे।
भाजपा प्रत्याशी सिंधिया मंगलवार की दोपहर 1.45 बजे शिवपुरी स्थित कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे । उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी एवं अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य सहित प्रदेश भाजपा के अनेक दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।
सिंधिया 2.15 बजे नामांकन दाखिल करेंगे। नामाकंन दाखिले के बाद 2.30 बजे पोलो ग्राउंड में विशाल सार्वजनिक सभा का आयोजन किया जाएगा। जहां मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ ही सत्ता और संगठन के अनेक नेता जनसभा को संबोधित करेंगे।
दिखेगी भाजपा की एकता और ताकत
नामांकन दाखिल के दौरान भाजपा आमजन को अपनी ताकत का अहसास कराने की तैयारी में है। सत्ता और संगठन का मानना है कि मतदाताओं को भी इस बात का पता चले कि वे जिस नेता को चुन रहे हैं वह दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी हैं। प्रदेश और देश में इसी पार्टी की सरकार है। ऐसे में सिंधिया की जीत संसदीय क्षेत्र में विकास के नए आयाम तय करेगी। इसके चलते सत्ता और संगठन पार्टी की एकता और ताकत को दिखाने का काम करेगा।
सिंधिया का बढ़ेगा वर्चस्व
विश्व विख्यात श्री विद्या साधक एवं ज्योतिषाचार्य श्रीजी रमण योगी महाराज “साइंटिस्ट बाबा" के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जिस घड़ी और मुहूर्त में अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं वह श्रेष्ठतम है। पुष्य नक्षत्र की शुरुआत 16 अप्रैल को प्रातः 3 बजकर 5 मिनट से होगी और यह पूरे दिन रहेगा। पुष्य नक्षत्र को ऋग्वेद में वृद्धिकर्ता, मंगलकर्ता और आनंदकर्ता कहा गया है। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस योग का चयन श्रेष्ठ माना जाता है। चंद्र वर्ष के अनुसार महीने में एक दिन चंद्रमा पुष्य नक्षत्र के साथ संयोग करता है, ऐसे में इस मिलन को बेहद शुभ माना गया है। इस दौरान नामांकन दाखिल करना सिंधिया को अभूतपूर्व एवं एतिहासिक जीत दिलाने के साथ ही राजनीतिक में उनका और प्रभाव व वर्चस्व बढ़ाने वाला होगा।
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