ad

पालकी पर विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले श्रीरामलला, भव्य शोभायात्रा के हजारों नागरिक बने साक्षी


 

पालकी पर विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले श्रीरामलला, भव्य शोभायात्रा के हजारों नागरिक बने साक्षी

श्री राम जन्म महोत्सव अंतर्गत रामनवमी पर श्रीराम कथा का हुआ विश्राम

इटारसी। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रीराम नवमी के दिन बुधवार को श्री रामलला अपने भाइयों के साथ पालकी में निकले। श्री राम जन्म महोत्सव समिति द्वारा 61वें वर्ष में आयोजित श्रीराम जन्म महोत्सव के अंतर्गत जारी श्रीराम कथा का बुधवार को विश्राम हो गया। बुधवार की कथा प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक हुई।

बुधवार दोपहर ठीक 12 बजे श्री द्वारिकाधीश मंदिर में श्रीरामलला का जन्म उत्सव मनाया गया। जन्म के समय परिसर में रंगारंग आतिशबाजी और ढोलबाजों के साथ बधाइयां गूंज उठी। मंदिर में मौजूद धार्मिकजन बधाईयों पर झूम उठे। जन्म की खुशी में मंदिर समिति द्वारा पंजीरी और दही मेवे का प्रसाद वितरित किया गया। कथाव्यास साध्वी नीलम गायत्री ने प्रभु रामचंद्र के राजतिलक और जन्म की कथा श्रोताओं को संगीतमय स्वरूप में सुनाई। कथा के विश्राम पर आयोजन समिति के सचिव अशोक शर्मा ने पिछले वर्ष का आय व्यय ब्यौरा सभी के समक्ष रखा। कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चांडक ने सभी का अभिवादन किया एवं सफल आयोजन के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सहयोगियों, दानदाताओं, मीडिया संस्थानों का भूपेंद्र विश्वकर्मा ने आभार व्यक्त किया।

देर शाम को आयोजन समिति द्वारा प्रभु श्री रामलला, उनके भाई लक्ष्मण, भारत और शत्रुघ्न पालकी में विराजित करके विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में ढोल बाजे, डीजे, बैंड पार्टी की ताल पर रामभक्तों का जोश देखते ही बन रहा था। शोभायात्रा में जमकर आतिशबाजी भी की गई। शोभायात्रा में भगवान शंकर की चलित झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में कथाव्यास साध्वी नीलम गायत्री रथ पर सवार होकर शामिल हुई। जिनके साथ बड़ी संख्या में मातृ शक्ति भी शोभायात्रा में साथ साथ चली।

जगह जगह हुआ स्वागत

श्री राम जन्म महोत्सव की शोभायात्रा का शहर के दर्जनों चौक चौराहों पर सामाजिक धार्मिक लोगो ने मेवा, मिस्थान, ठंडाई, आइसस्क्रीम जैसी विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरित करके स्वागत किया। साथ ही पालकी में विराजित रामलला, रथ पर विराजमान कथाव्यास नीलम गायत्री का पूजन एवं पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया। तुलसी चौक, फल बाजार चौराहा पर सिंधी समाज, गांधी परिवार,  संस्कृत पाठशाला, सांवरिया निवास, जैन समाज, सराफा लाइन, पहली लाइन में श्री राम जानकी मंदिर, जयस्तंभ चौक पर मारवाड़ी समाज, सिक्ख समाज एवं विभिन्न परिवारों, समाजो ने शोभायात्रा का स्वागत किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post