व्यंग्य
नई नौकरी सत्संग
एक नौकरी से जब आप बोर हो जाए....या नौकरी अच्छी तरह से नहीं कर पा रहे हो . या नौकरी में गवन कर चुके हो. अपराध में कहीं लिप्त हो तो धीरे-धीरे बाल बढ़ाना शुरू कर दीजिए एक बड़ी चुटिया ऊपर बड़ी सी दाढ़ी आप सोच रहे होंगे क्या देवदास बनाने वाले हैं यह लेखिका....नहीं ,नहीं मेरा इशारा उसे तरफ नहीं है कि आप मदिरालय चले जाएं, और गम हजम कर आये तो क्या उदास होकर किसी पेड़ पर लटक जाए.....या नदी किनारे बैठ जाएं ...नदी में डूब जाएं.... या फिर जोर-जोर से रोए , नहीं उधर इशारा नहीं कर रहे ...नहीं , आपको तो बस इतना करना है जिस तरह से हवलदार, नंबरदार होतेहैं सेवादार का ग्रुप बना ले. सही में ईश्वर भक्ति करने वाला सब कुछ त्याग देता है मगर आपको तो पीले वस्त्र पहने हैं अपनी बड़ी हुई चुट्टियां और बड़ी हुई तोंद एवं बड़ी हुई दाढ़ी का सदुपयोग करना है.
अगर आवाज सुरीली है तो फिर सोने पर सुहागा हरि हरि बोल , तो शुरुआत होती है प्रवचन से सेवादार भी हो...जो, जा जाकर पता करते हो किसको कितना दुख है बस आपकी दुखती रग पर हाथ ही तो रखना है. और बदले में मिलना है भरपेट भोजन ,भरपेट फल ,भरपेट मेवा, इस कलयुग में मिल जाए तो
कुछ ज्यादा नहीं करना है महाराज जी को आमंत्रण देना है शब्दों में थोड़ा त्रुटि हो गई ,देना नहीं है....दिलवाना है..
तो शुरुआत घर में प्रवचन से करो और धीरे-धीरे भेंट से आश्रम का निर्माण कर लिया सेवादारों को ए.सी.कमरे मिल गए, इस महंगाई के जमाने में हर कोई दुखी है ई एम आई भरते जिंदगी निकल जाती है. दो पल की राहत लेने सत्संग में पहुंच जाता है और जो कुछ पास में होता है वह भी गंवा आता है.
और इस तरीके से एक नया अध्याय शुरू होता है इसमें कोई खास मेहनत नहीं करनी पड़ती दिन भर रात भर सोते रहो अच्छे फल अच्छे मेवा खाते
रहो, बस प्रवचन देने की कला आती हो 116 क्या 500 आदमी भी मर जाए
आपको हर प्रकार की समस्या से निजात दिला दी बच्चों से परेशान थे बच्चों को कुचल दिया बीवी से परेशान थे बीवी को कुचल दिया पति से परेशान से पति को कुचल दिया माता-पिता से परेशान थे तो माता-पिता को कुचल दिया सीधे-सीधे शब्दों में ना कह कर यूं कहा जाए ना रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी चुटकियों में आपकी समस्या का समाधान हो गया अब आप हर समस्या से दूर है मजाल है कि कोई ऑब्जेक्शन उठा पाए और उठा भी लेगा तो काहे का डर सेवादार उसी के घर पर सत्संग करवा देंगे जय हरि बोल उसकी भी समस्या का समाधान हो जाएगा. बाबा के सम्मोहन में सभी गिरफ्त है. चमत्कार और सुझाव के के कारण अंधविश्वास पैदा होता है परेशानियों का समाधान करते-करते उनके धार्मिक विश्वास से खेलते हैं.अपने कब्जे में लेने के बाद हर तरह का शोषण नहीं आदर भरे शब्दों में उद्धार करते हैं .
- डॉक्टर प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार,टीकमगढ़
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