सोसायटी ऑफ ऑथर्स की साहित्यिक और डिजिटल क्रियेशन पर आधारित विशिष्ठ सभा संपन्न
इंदौर । सोसायटी ऑफ ऑथर्स की साहित्यिक और डिजिटल क्रियेशन पर आधारित विशिष्ठ सभा, कुन्द कुन्द ज्ञानपीठ में आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. ज्योति किरण जैन समाजसेवी एवं लेखिका ने उद्बोधन में कहा कि लेखक का मुख्य धर्म है कि वह समाज के जन जन की पीड़ा, दर्द, सुख-दुःख, व्याप्त नैतिक-अनैतिक आचार व्यवहार तथा उसके जीवन में अनुभूत प्रेरक तथा जीवनोपयोगी प्रसंगों को अवश्य लिखें। प्रिन्ट मीडिया के माध्यम से अपनी बात सीमित क्षेत्र तक पहुंचती है। डिजिटल क्रियेशन का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान में बहुप्रचलित सोशल मीडिया के माध्यम से आपकी बात सभी उम्र के लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुंच सकती है। इसका सदुपयोग करें दुरुपयोग नहीं। संस्था सचिव रामनारायण सोनी ने बताया कि लेखन के परम्परागत स्वरूप के साथ साथ एडवान्स्ड डिजिटल क्रियेशन के विभिन्न आयामों का उपयोग करके लेखन किस तरह शीघ्र छपने एवं सोशल मीडिया के हेतु उपयोग करने लायक तथा प्रभावी बना सकते हैं। संस्था इस हेतु शीघ्र ही निःशुल्क वर्कशाप आयोजित करेगी। जिसमें ब्लॉग लेखन, रिकार्ड कीपिंग, काव्य के पोस्टर मेकिंग, यूट्यूबर, ऑडियो - विजुअल का साहित्य सृजन में उपयोग के विषय शामिल होंगे। लेखन, कविता गायन आदि में ए.आय. के भरपूर उपयोग पर कार्यशाला भी होगी।
सभा में डॉ. उपेन्द्र धर, भीमसिंह पंवार, अखिलेश जैन, महेन्द्र सांघी, राजेश रामनगीना, विपिन जैन, व्रजेन्द्र नागर, शोभारानी तिवारी, रशीद अहमद शेख, ओमप्रकाश जोशी, बालकराम शाद, डॉ. स्वातिसिंह, रामनारायण सोनी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रचनाकारों ने गीत, गजल का पाठ किया। अध्यक्ष्यीय उद्बोधन रवीन्द्र पहलवान ने दिया। संचालन संस्था सचिव रामनारायण सोनी ने किया।
रामनारायण सोनी
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