ad

विदेशियों ने किया अपनी संस्कृति से मगन, भारतीयों में दिखा जीत का टशन : उद्भव उत्सव 2024



विदेशियों ने किया अपनी संस्कृति से मगन, भारतीयों में दिखा जीत का टशन : उद्भव उत्सव 2024 

अंतरराष्ट्रीय डांस फेस्टिवल के तीसरे दिन सुबह सोलो डांस की मची धूम तो शाम को भारतीय टीम के ग्रुप डांस का हुआ फायनल

विदेशी टीम के कलाकारों की आकर्षक वेशभूषा को देख रोमांचित हुए दर्शक, प्रस्तुतियों को निहारा अपलक, सेल्फी की मची होड़़

ग्वालियर। उद्भव स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एसोसिएशन के चार दिवसीय इंटरनेशनल डांस फेस्टिवल ग्रीनवुड पब्ल्कि स्कूल उद्भव उत्सव के तीसरे दिन भारतीय और विदेशी संस्कृतियों का संगम हुआ। विदेशी कलाकारों ने जहां अपनी लोककला और संस्कृति से दर्शकों को मगन कर दिया तो वहीं भारतीय दलों के कलाकारों ने भी अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से लोगों का दिल जीत लिया।  भारतीय टीम में जीत का गजब टशन दिखा। 

गुरुवार को दो सत्र में डांस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।  सुबह भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आईआईटीटीएम) में सोलो डांस की प्रस्तुति हुई, तो शाम को आदित्य पुरम स्थित ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल में भारतीय टीम का फायनल राउंड हुआ। इस दौरान विदेशी कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से चांदनी रात में सतरंगी बहार बिखेर दी। 

*सोलो डांस*

सोलो डांस में क्लासिकल और सेमी क्लासिकल दो श्रेणी में 46 प्रस्तुतियां हुईं। इस दौरान किमाया ने डांस के जरिए महिला होने का मतलब क्या, मैंने बेटियों को प्रताड़ित होते देखा है का वर्णन कर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया। वीणा पाठक ने चलते... चलते मिल गया और जब प्यार किया तो डरना क्या की प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मान्या नंदा ने प्रकृति और मां की ममता की छांव के मर्मस्पर्शी प्रस्तुतिकरण से लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। मैं दीवानी हो गई... मशहूर मेरे इश्क की ये कहानी हो गई की प्रस्तुति को लोगों ने जमकर सराहा। 

प्रतियोगिता की निर्णायक वाणी माधव गुड़गांव, मानसी सक्सेना जालंधर एवं रुचि गुप्ता दिल्ली ने फायनल के लिए विजयी प्रतिभागियों का चयन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक लोक शिक्षण दीपक पाण्डेय एवं आईआईटीटीएम के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने प्रतिभागियों का हौंसला बढ़ाया। 

*शाम को सतरंगी बहार* 

ग्रीनवुड पब्लिक स्कूल के ऑपन स्टेज पर शाम को गीत, संगीत और नृत्य की सतरंगी बहार छा गई। क्लासिकल स्कूल, क्लासिकल ओपन सेमी क्लासिकल स्कूल और सेमी क्लासिकल ओपन के अलावा फोंक स्कूल एवं फोक ओपन कैटेगरी में 20 टीमों के बीच फायनल मुकाबला हुआ। इस दौरान विदेशी टीमों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियों से लोगों के दिलों-दिमाग पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। श्रीलंका, बुल्गारिया, नीदरलैंड और किर्गिजस्तान के कलाकारों ने अपने-अपने देश की लोक कला, वेशभूषा और संस्कृति के साक्षात दर्शन कराएं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के  कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को आयोजकों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया व मुख्य अतिथि वंडर सिमेंट के सीटीओ विनोद राय को भी स्कूल की चैयरपर्सन किरण भदौरिया, डायरेक्टर डॉ. आदित्य भदौरिया, उद्भव के अध्यक्ष डॉ. केशव पाण्डेय एवं सचिव दीपक तोमर ने प्रतियोगियों को स्मृति चिंह भेंट किए। कार्यक्रम का संचालन आकाश तिवारी एवं  शिखा श्रीवास्तव ने तथा आभार व्यक्त डॉ. आदित्य भदौरिया ने किया। 

*आसमान में छाई रोशनी* 

भारतीय फायनल के बाद भव्य आतिशबाजी की गई। करीब 35 मिनट की आतिशबाजी के दौरान आसमान में सतरंगी रोशनी छाई। इस रोमांचित कर देने वाले नजारे को कैमरे में कैद करने के लिए लोगा खासे उत्साहित दिखे। - विजय पाण्डेय ।

 प्रेषक 

 मुकेश तिवारी 

वरिष्ठ पत्रकार ग्वालियर

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post