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काव्य : दशहरा - अनिता मंदिलवार सपना ,अम्बिकापुर


 काव्य : दशहरा


दशहरा

देता है संदेश हमें 

असत्य पर 

सत्य की जीत का

बुराई पर 

अच्छाई की जीत का

झूठ कितना भी 

आकर्षक हो

पर हमें चुनना चाहिए 

राह प्रीत का 

गलत परम्पराओं का 

दहन करें 

और सम्मान करें 

अच्छे रीत का •••!


दशहरा हमें ये

सीख देता है कि

रावण एक प्रतीक मात्र

कितना भी ज्ञानी हो

अगर अहंकार मन में है

ज्ञान का कोई अर्थ 

नहीं रह जाता 

राम प्रतीक हैं 

सत्य, अच्छाई, संघर्ष के

कठिनाइयाँ कितनी भी

राह में हो

जीत पक्की है सत्य की •••!


आज चेहरा राम का

मन रावण जैसा 

कैसे पहचाने कोई 

मुखौटे लगाये हुए हैं कई

उन मुखौटों की

पहचान जरूरी है

सबसे पहले हम

अपने अंदर के

रावण को खत्म करें 

राम के सत्य को 

अपनायें

सपना ऐसा हो हमारा

जिसे हम सत्य की

धरातल पर देखें 

और सोचें 

और पूरा कर सकें 


 - अनिता मंदिलवार सपना ,अम्बिकापुर

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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