काव्य :
विश्व योग दिवस
२१ जून को मिला है जग में,
सबसे बड़े दिन का ताज है।
इसीलिए सारे विश्व ने माना,
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को आज है।
योग में व्यायाम है,स्फूर्ति का आयाम है।
सबसे अच्छा और सादा,कपालभाति प्राणायाम है।
योग भगाते रोग,सदा रहो निरोग।
कई रोगों का जड़मूल से,नाश करे ये योग।
रोज करोंगे योग तो,स्वस्थ रहेगा तन।
सारा दिन अपने काम में,खुश मस्त रहेगा मन।
मन चित्त को शांत करे,नई शक्ति का संचार करे।
बुरी आदत,बुरे विचारों पर,ये योग प्रहार करे।
योग में एक आस मुथा,योग में विश्वास है।
ओम् के उच्चारण में,भक्ति का अहसास है।
- कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव*
मुम्बई
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