ad

काव्य : स्वागतम्_गजानन - कवि_छगनलाल_मुथा-सान्डेराव मुम्बई


 काव्य : 

स्वागतम्_गजानन


आओ पधारो गणपति गजानन, सपरिवार करते हम स्वागत।

पूजा अर्चना से करते स्थापना,दोस्त रिश्तेदार दर्शन की दावत।


माता पार्वती की आँखो के तारे,पिता शंकरजी के राजदुलारे।

माता पिता की करके प्रदक्षिणा,सारी सृष्टि के बुद्धि गुण हैं सारे।


सुखकर्ता दुखहर्ता आप ही,रिद्धि सिद्धि को लाना साथ में।

मझधार में फंसीं जीवन नैया,पार लगाना थाम हाथ से।


मूषक सवारी,मोदक प्यारे,भक्तजनों के काज संवारे।

जो भी तेरी चरण में आते,खुल जाते हैं भाग्य के द्वारे।


एकदंत है शान तुम्हारी,पूजे सारे जग के नर-नारी।

नाम तेरा जो भी है ध्याता,हर लेते तुम विपदा सारी।


हम करते पूजा अर्चना, भक्ति भाव से तुम्हारी।

माफ़ करना मुथा को,भूल चूक अगर हो हमारी।


 - कवि_छगनलाल_मुथा-सान्डेराव

मुम्बई

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post

Popular Items