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काव्य : वसुधा को स्वर्ग बनाना है...- इंजी. अरुण कुमार जैन,फरीदाबाद


 काव्य : 

क्षमावाणी पर्व पर,

वसुधा को स्वर्ग बनाना है...

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इंजी. अरुण कुमार जैन

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जीवन में सबकुछ पाना है, दस धर्मो को अपनाना है.

सुख,शांति,प्रगति,यश पाना है, दस धर्मो को अपनाना है.

रोग, दुःख,संताप मिटाना है,

दस धर्मो को अपनाना है.

हर लक्ष्य सहज़ जो पाना है,

दस धर्मो को अपनाना है.

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क्षमा करो झगडे न होंगे,

क्रोध,शोक से सभी बचेंगे,

आर्जव, मार्दव हो जीवन में,

सरल बनें हम नेह हो सबमें.

शौच,सत्य का पालन कर लें,

कपट,कुटिलता जड़ से हर लें,संयम जो जीवन में आये,

नेह, प्रेम हर मन में लाये.

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तप करके दृनता मन लाएं,

जग को हम प्रेरक बन जाएं,

और त्याग जो सभी करेंगे,

नहीं धरा पर निर्धन होंगे.

वात्सल्य अनुराग बढ़ेगा,

मैत्री मृदुता भाव बढेगा.

आकिंचन जो मन में आये,

प्राणी दुःख कभी न पाये.

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हर्ष शांति हर मन में होगी,

दिव्य अनुभूति तभी मिलेगी.

ब्रह्मचर्य महिमा न्यारी है,

बहिन, सुता, माँ हर नारी है.

आओ इनको सब अपनायें,

नेह, प्रेम सरिता मन लाएं.

प्रगति,शांति,यश सुमन खिलाएं,

वसुधा को हम स्वर्ग बनायें.

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हर वांछित,हर मन, जन पाएं,दस धर्मो को हम अपनाएं.

जीवन अपना सफल बनायें,

दिव्य शिखर को हम सब पाएं.

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संपर्क//अमृता हॉस्पिटल, सेक्टर 88,फ़रीदाबाद, हरियाणा.

मो. 7999469175

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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