काव्य :
परिवर्तन का दौर
परिवर्तन का दौर नया ,लाता जीवन में उजियारा है।
जीवन पल-पल यूं बदलता , जैसे लहर से किनारा है ।
परिवर्तन से ही आते हैं ,जीवन में नए विचार ।
जिनको आचरण में लाकर ,करते है हम व्यविचार।
परिवर्तन की दिशा,जब जब बदलती है ।
हर पीढ़ी को साथ लेकर ,अपने संग यह चलती है।
जीवन के हर रूप में ,न जाने कितने रंग बदलती है ।
कभी धूप तो कभी छांव को ,हरदम संग लेकर चलती है।
परिवर्तन की इस दौर में ,क्या खोया क्या पाएंगे ।
इन बातों को सोच समझ जीवन को सुंदर बनाएंगे।
मन में मन में लेकर दृढ़ विश्वास ,
करती रहूंगी मैं निरंतर प्रयास।
परिवर्तन से ही आता जीवन में अटूट विश्वास।।
- प्रतिभा दिनेश कर
विकासखंड सरायपाली
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बहुत सुग्गर ✍️✍️
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