ad

ज्येष्ठ नागरिक सेवासंघ वाघजाईनगर की बैठक संपन्न.

 ज्येष्ठ नागरिक सेवासंघ वाघजाईनगर की बैठक संपन्न.

आंबेगांव खुर्द। 7 दिसंबर को डॉ अरुणा शिमगेकर के आवास पर ज्येष्ठ नागरिक सेवासंघ वाघजाईनगर की बैठक संपन्न हुई, जिसमें प्रो.विजय राजाराम ठाकुर, डॉ सत्येंद्र सिंह, काकासाहेब भोसले, डॉ अरुणा शिमगेकर, सुधीर सरोदे, श्रीमती आशा सरोदे, महादेव शिंदे, चंद्रशेखर करंबलीकर, विजय बागल, यूसुफ बागवान, परशुराम सोपानरा धुमाल, हिम्मत राव चव्हाण, उपस्थित हुए और  डॉ अरुणा शिमगेकर की दोनों पुत्रियां प्राजक्ता और पूजा विशेष रूप से उपस्थित थीं।  प्राजक्ता क़तार में रहती हैं व पूजा मांगडेवाडी में अध्यापिका हैं।

        प्रो.विजय ठाकुर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आज ज्येष्ठ नागरिक घर समाज में रहते हुए भी अकेलेपन से ग्रस्त हैं इसलिए उनके बीच संवाद की स्थिति बनानी चाहिए ताकि वे अपने आपको अभिव्यक्त कर सकें। और, इस अभिव्यक्ति के ज्येष्ठ नागरिक सेवासंघ या संघ बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं। 84 वर्षीय सुधीर सरोदे व उनकी धर्मपत्नी सौ. आशा सरोदे सेवासंघ के नए सदस्य बने हैं इसलिए उनका सर्वप्रथम स्वागत किया गया। सरोदे जी ने बताया कि वे बीस वर्ष रोटरी क्लब के अध्यक्ष रहे हैं और उस दौरान साप्ताहिक बैठक करते सफलतापूर्वक करते थे। उपस्थित सभी सदस्यों ने आशा की कि उनके अनुभवों का लाभ सेवासंघ को अवश्य मिलेगा। 

      सेवासंघ के कार्यकारिणी सदस्य विजय बागल ने ज्येष्ठ नागरिकों की समस्याओं में आज सड़कों पर यातायात को बहुत बड़ी समस्या बताया क्योंकि युवा वर्ग बाइक स्कूटर आदि यातायात की भीड़ में से वाहन लहराते हुए ऐसे निकलते हैं कि हमारी जान पर बन आती है।  इस युवा वर्ग पर कोई नियंत्रण नहीं है, जो होना चाहिए। परिवहन विभाग बहुत कुछ करता है पर समस्या बनी ही रहती है। असल में धैर्य की कमी है जो अच्छे संस्कारों से ही नियंत्रित हो सकती है। अच्छे संस्कार पैदा करने के लिए माता पिता के साथ शिक्षक वर्ग बहुत बड़ी भूमिका निभा सकता है। संस्कार वर्ग भी चलाए जा सकते हैं। 

     सेवासंघ के उपाध्यक्ष यूसुफ बागवान ने अपने दुबई प्रवास के दौरान हुए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वे दुबई के सबसे बड़े होटल की 71वीं मंजिल पर ठहरे हुए थे और जब लिफ्ट से नीचे आए उनकी जेब से गॉगल गिर गया। बाहर निकल कर उन्हें अहसास हुआ कि गॉगल गिर गया है तो लौटकर आए और जिस लिफ्ट से नीचे आए थे उसीके सामने खडे हो गए। लिफ्ट रुकी तो पाया कि लिफ्ट के फर्श पर उनका गॉगल पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि पड़ी हुई चीज को उठाना भी दुबई में चोरी माना जाता है।

     जब यह पता चला कि डॉ अरुणा शिमगेकर की बड़ी पुत्री क़तार में रहती हैं तो सभी उनसे क़तार के जनजीवन, रहन-सहन और अनुशासन के बारे में जानने को उत्सुक हो गए। प्राजक्ता ने बताया कि क़तार में आम जनजीवन में चोरी नहीं होती, बेईमानी नहीं होती, पान सुपारी तम्बाकू बीडी सिगरेट पर पूरी तरह पाबंदी है और सबसे बड़ी बात शराब का सेवन किया जाता है लेकिन सार्वजनिक रूप से शराब बिक्री नहीं होती। लाइसेंस धारकों के पास ही उपलब्ध होती है। सड़क यातायात में ड्राइवर आपको निश्चित गंतव्य पर ही उतारेगा, वाहन चलाते समय यदि कोई सड़क क्रास करना चाहता है विशेषकर कोई ज्येष्ठ नागरिक तो वाहन रुक जाते हैं और व लोगों को पहले सडक पार करने देते हैं। पूछने पर उन्होंने कहा कि नियम तोड़ने पर सख्त दंड मिलता है। क़तार काफी बड़ा महाराष्ट्र मंडल है, जिसमें सभी त्योहार मनाए जाते हैं और आपसी मेल मुलाकात होती रहती है।

     सेवासंघ के सचिव डॉ सत्येंद्र सिंह ने शांति समन्वय और गैरराजनीतिक संवाद बने रहने से समाज सुदृढ़ रहेगा और उसके लिए निश्चित रूप से ज्येष्ठ नागरिक सेवासंघ जैसे संगठन बहुत कारगर सिद्ध होंगे। डॉ अरुणा शिमगेकर ने सभी के आभार प्रदर्शन किया। उनकी छोटी बेटी पूजा द्वारा किए गए स्वल्पाहार व सम्मान की सभी ने बहुत तारीफ की।

       -  डॉ सत्येंद्र सिंह , पुणे

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post