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पाषाण को भगवान बनाने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है पंचकल्याणक- मुनि सुव्रत सागर


 

पावागिरि में पंचकल्याणक महामहोत्सव के लिए महापात्रों का हुआ चयन

चंद्रप्रभा जयकुमार जैन माता-पिता और शशि उत्तमचंद्र जैन सौधर्म इंद्र बने

भगवान चंद्रप्रभ स्वामी एवं पारसनाथ स्वामी का जन्म - तप कल्याणक मनाया गया

पाषाण को भगवान बनाने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है पंचकल्याणक- मुनि सुव्रत सागर 

तालबेहट (ललितपुर) बुंदेलखंड के प्रसिद्ध जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में सोमवार को सुबह आचार्य प्रवर विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य बुंदेली संत वात्सल्य मूर्ति मुनि सुव्रत सागर  महाराज के मंगलमय सानिध्य में मूलनायक पारसनाथ स्वामी एवं चौबीसी के मूलनायक चंद्रप्रभ भगवान का जन्म-तप कल्याणक मनाया। जिसमें अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान की क्रियाएँ की गयी। दोपहर में 12 से 17 जनवरी 2026 तक होने वाले श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा एवं पंचकल्याणक महामहोत्सव के आयोजन हेतु प्रतिष्ठाचार्य बा. ब्र. संजय भैया मुरैना के निर्देशन में पात्र चयन कार्यक्रम किया गया।  मंगलाचरण नीतू जैन बबीना ने किया। इस मौक़े पर धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि सुव्रत सागर महाराज ने कहा पंचकल्याणक पाषाण को भगवान बनाने की आध्यात्मिक प्रक्रिया है। इस धार्मिक अनुष्ठान करने वाले पात्रों को असीम पुण्य का संचय होता हैं। जिन शासन के रथ को आगे बढ़ाने के लिए साधु संतो को श्रावकों के सहयोग की आवश्यकता होती हैं। देवपत-खेवपत द्वारा निर्मित बुंदेलखंड के सात भौंयरों में से एक पावागिरि भौंयरा जो बहुत ही अतिशयकारी है, जिसके दर्शन से सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती है। यदि जीवन पर्यंत अपने नाम को जीवित रखना है तो जिनबिम्बो की स्थापना और मंदिर का निर्माण करना पुण्य का विषय है। महा पात्रों में चंद्रप्रभा जयकुमार जैन बबीना ने माता -पिता एवं शशि उत्तम चंद्र जैन बबीना ने सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। रविवार को सुबह चमत्कारी बाबा मूलनायक पारसनाथ स्वामी का मस्तिकाभिषेक शांतिधारा पूजन विधान किया गया। सायं काल की बेला में तीस चौबीसी मंदिर के मूलनायक भगवान शान्तिनाथ भगवान कुंथुनाथ एवं भगवान अरनाथ की विशाल खड़गासन मूर्ति विराजमान की गयी। कार्यक्रम में पं. महेंद्र कुमार जैन विदिशा, पं. प्रदीप जैन शास्त्री मडावरा, प. विनोद जैन शास्त्री, ओमप्रकाश एड. शिखरचंद्र, राजकुमार जैन, अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन, मंत्री जयकुमार जैन, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद जैन, उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा, संयुक्त मंत्री विकास भंडारी, उपमंत्री आकाश चौधरी, ऑडीटर पंकज भंडारी एवं अजय जैन, अरविन्द जैन, गौरव विरधा, अमित कुमार, अक्षत जैन सहित क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी समिति एवं निकटवर्ती दिगम्बर जैन समाज का सक्रिय सहयोग रहा। संचालन अध्यक्ष ज्ञानचंद बबीना एवं आभार व्यक्त मंत्री जयकुमार कन्धारी एवं उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा ने संयुक्त रूप से किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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