चार हफ्ते तक चली नित्य काव्य लेखन प्रतियोगिता में नागेन्द्र त्रिपाठी को प्रथम स्थान : काशी काव्यश्री साहित्य सम्मान से नवाजा
गाजियाबाद/वाराणसी । काशी साहित्यिक संस्थान ट्रस्ट द्वारा काशी में आयोजित कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में हिंदी के वरिष्ठ रचनाकार नागेन्द्र त्रिपाठी को "काशी काव्यश्री साहित्य सम्मान" से नवाजा गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ संजय अनंत, मुख्य अतिथि कंचन सिंह परिहार,अरुणिमा दुबे, कार्यक्रम संयोजिका सुनीता जौहरी ने श्री त्रिपाठी को प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र व गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
ज्ञातव्य है कि चार सप्ताह तक चली नित्य काव्य लेखन प्रतियोगिता में प्रतिदिन एक नवीन विषय दिया जाता था जिस पर कविता लिखनी होती थी पूरे देश से अनेक नामचीन रचनाकारों ने अपनी कलम का जौहर दिखाया जिसमें नागेन्द्र त्रिपाठी की रचनाओं को श्रेष्ठ घोषित करते हुए उन्हें निर्णायकों ने प्रथम स्थान प्रदान किया। रेवाड़ी हरियाणा के शुभ राम शास्त्री द्वितीय तथा अमेठी उत्तर प्रदेश की डॉ.रेखा श्रीवास्तव तृतीय स्थान पर रहीं ।
ज्ञातव्य है कि नागेन्द्र त्रिपाठी की 12 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं जिनमें "जीवन के पथरीले पथ पर" व "कबिरा की काशी"विशेष रूप से चर्चा के केंद्र में रही हैं । 96 साझा संकलनों में भी उन्होंने सह लेखक व संपादक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । श्री त्रिपाठी का नाम इंडिया बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड,हार्वर्ड बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन व गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है। इसी के साथ उन्हें 500 से ज्यादा पुरस्कार, सम्मान,प्रशस्ति पत्र, शील्ड व मेडल भी प्राप्त हो चुके हैं । नागेन्द्र त्रिपाठी को सम्मानित किए जाने पर अनेक साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संगठनों ने हर्ष जताया है ।
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