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गर्मी आने से पहले ही वार्ड क्रमांक 16 मे पेय जल संकट : स्थायी समाधान नही निकला तो न.पा. मे करेंगे तालाबंदी - कापरे


 

गर्मी आने से पहले ही वार्ड क्रमांक 16 मे पेय जल संकट : स्थायी समाधान नही निकला तो न.पा. मे करेंगे तालाबंदी - कापरे 

इटारसी । नगर पालिका इटारसी के वार्ड 16 मे अभी ग्रीष्म ऋतु आने के पहले ही पेयजल संकट गहरा गया है विदित हो कि वार्ड 16 सोनासांवरी नाका क्षेत्र घोषित सूखा ग्रस्त  क्षेत्र है । स्थानीय पानी की टंकी होने के बाद भी क्षेत्र की जनता बीते 15 वर्षो से गर्मी के मौसम मे पानी के लिये त्राही त्राही करती है । वार्ड पार्षद अमित कापरे ने नगर पालिका अध्य क्ष पंकज चौरे को पत्र लिख कर मॉग की है कि यदि शीघ्र ही इसका स्थायी समाधान नही निकाला गया तो क्षेत्र की जनता के साथ नगर पालिका का घेराव कर तालाबंदी की जायेगी ।

शासन द्वारा पेय जल आपूर्ति के लिये चलायी जा रही योजनाओ का हवाला देते हुये कापरे ने बताया कि पूरा शहर नगर पालिका की 24 करोड 54 लाख लागत वाली बहुप्रतीक्षित जल आवर्धन योजना की ओर टकटकी लगाकर वर्ष 2006 से देख रहा है जिसका 11 साल बाद 2017 मे लोकापर्ण हुआ । इस योजना के माध्यम से नगर पालिका मेहराघाट से इटारसी पानी लाती । सवा दो लाख जनसंख्या  के मान से यूआईडी/एसएसएमटी योजना अंतर्गत 27 एमएलडी पानी आना था‍ । जिससे प्रति व्य क्ति पानी मिलने की मात्रा 80 लीटर के स्थान पर 135 लीटर हो जाती किन्तु  20 सालो बाद भी गर्मी मे इस शहर की गरीब आवाम पानी को तरस रही है 

 कापरे ने प्रेस नोट जारी कर मीडिया को बताया कि वर्ष 2012 से लगातार हमारे द्वारा कई आंदोलन, भूख हडताल, ज्ञापन और शिकायतो के माध्याम से नगर प्रशासन का इस ओर ध्यानाकर्षण करवाया किन्तु बीते वर्षो मे 6 मुख्य् नगर पालिका अधिकारी और 3 नगर पालिका अध्यक्ष बदल जाने के बाद भी क्षेत्र के हालात जस के तस है ।  ज्ञात हो कि सोनासांवरी नाका क्षेत्र मे दो ट्यूवबेल है जो ग्रीष्म ऋतु मे सूख जाते है,  जिसके अस्थायी समाधान के रूप मे नगर पालिका पानी के टैंकरो के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करती है, ऐसे मे भरी धूप मे घर की महिलाये एवं बच्चे नंगे पैर पानी के टैंकरो के पीछे दौड लगाते है ।

उन्होंने बताया कि बीते वर्षो मे कई कॉलोनियो के बन जाने के कारण भौगौलिक रूप से वार्डो के क्षेत्रफल मे वृद्धि हुई है । अपने संपूर्ण प्रयासो के बाद भी नगर पालिका नागरिको को पर्याप्त सुविधायें नही दे पा रही है । जलसंकट का एक और मुख्य कारण अव्यवस्थित रूप से बिछाई गई पाईपलाईने भी है । बेतरतीब तरीके से फैली हुई पाईपलाईनों के साथ जगह जगह लगे वाल्व से जल वितरण प्रणाली मे कई खामियां है। नगर पालिका चाहे तो इन्हे  व्य वस्थित कर इस समस्या का कुछ हद तक हल निकाल सकती है ।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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