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काव्य : बुत फटकारने लगे - डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव छिंदवाड़ा


 

काव्य : 

बुत फटकारने लगे


सारे फरिश्ते मिल के मुझे मारने लगे। 

जो एक का न हुआ तो धिक्कारने लगे ।।

ऊपर तो सभी एक थे नीचे अलग अलग।

पत्तो की सींच कहके मुझे डांटने लगे ।।

नहीं किया सलाम तो उनको बुरा लगा। 

नाराज होके मेरी जड़े काटने  लगे ।।

बाहर लगी है आग तो अन्दर धुंआ भरा। 

मौतों में सरल मौत को हम छांटने लगे ।।

दीवार हैं कांटे भरी और सिकुड़ रहीं हैं।

 पेश्तर मरने के बुज फटकारने लगे ।।


- डॉ. कौशल किशोर श्रीवास्तव

छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश)

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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