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काव्य : टूटना अच्छा है -उमेन्द्र निराला हनोति प्रयागराज


 

काव्य : 

 टूटना अच्छा है


टूटना अच्छा है

आसमान से तारों के लिए, 

किसी की माँगी मुराद को

पूर्ण होते विश्वास के लिए। 

 

टूटना अच्छा है

शाखों से पत्तों के लिए, 

नएपन की इस आस में

एक नई शुरूआत के लिए। 

 

टूटना अच्छा है

शर्ट की बटन के लिए, 

झुकना सिखा देता है

मानवता की झलक के लिए। 

 

टूटना अच्छा है

दीवारों के लिए, 

आभास कराता है विवाद में

पुनः प्रेम बढ़ाने के लिए। 

 

टूटना अच्छा है

अपनों के लिए, 

बिखरते रिश्तों को समेटकर

घर को सँवारने के लिए। 

      -  उमेन्द्र निराला हनोति प्रयागराज

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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