अधर्म का अंत, राम का राज: अयोध्या में लौटे 'प्राण', शुरू हुआ रामराज्य
रावण का अहंकार धराशायी; 14 वर्षों का वनवास समाप्त कर सपरिवार लौटे प्रभु श्री राम
श्रीराम जन्म महोत्सव अंतर्गत श्रीराम कथा का अष्टम दिवस
इटारसी। वह प्रतीक्षा जिसका उत्तर पूरा आर्यावर्त चौदह वर्षों से ढूंढ रहा था, आज समाप्त हो गई। लंका के मैदान में अहंकार के प्रतीक दशानन रावण का वध कर, माता सीता को मुक्त कराकर और विभीषण को न्याय का सिंहासन सौंपकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम आज अपनी जन्मभूमि अयोध्या लौट आए हैं। उनके आगमन के साथ ही न केवल एक युग का परिवर्तन हुआ है, बल्कि लोक-कल्याणकारी 'रामराज्य' की विधिवत स्थापना हो गई है। सरयू के पावन जल से अभिषेक के पश्चात, कुलगुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्री राम का राजतिलक किया। रत्नजड़ित सिंहासन पर आसीन होते ही उद्घोष हुआ— "रामराज्य"। उक्त उद्गार नर्मदांचल की आस्था के प्रमुख केंद्र ठाकुर श्री द्वारकाधीश बड़ा मंदिर में 63 वें वर्ष में जारी श्रीराम जन्म महोत्सव अंतर्गत आयोजित श्रीराम कथा के अष्टम दिवस पर व्यासपीठ पर विराजे श्रीमद प्रयागपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने व्यक्त किए।
उल्लेखनीय है कि श्रीराम कथा अंतर्गत महाराज जी बाल्मीकि एवं तुलसीदासकृत रामायण पर प्रवचन दे रहे हैं। व्यासपीठ से श्रोता के रूप में उपस्थित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिकों को संबोधित करते हुए कथा को विस्तार देते हुए महाराज जी ने रावण वध, राक्षस कुल संहार, माता सीता का पुनः वरण, विभीषण का लंकाधिपति के रूप में राज्याभिषेक एवं पुष्पक विमान से पुनः अयोध्या पहुंचकर श्रीराम के अयोध्या में राज्याभिषेक की कथा विस्तार से सुनाई।
दिन में रामजन्म, शाम को शोभायात्रा
आयोजन समिति के प्रवक्ता भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि श्रीराम नवमी के अवसर पर शुक्रवार को नौवें दिवस की कथा प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक होगी। उसके पश्चात मंदिर परिसर में प्रभु श्रीराम का भव्य जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं देर शाम 5 बजे विशाल श्रीराम शोभायात्रा निकाली जाएगी। जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए पुनः बड़ा मंदिर तुलसी चौक पर विश्राम होगी। शोभायात्रा में ढोल बाजे, डीजे, घोड़े, बग्घी, अखाड़े सहित विभिन्न चलित झाकियां आकर्षण का केंद्र रहेगी।
अष्टम दिवस की कथा में मुख्य संरक्षक क्षेत्रीय विधायक डॉ सीतासरन शर्मा एवं संरक्षक प्रमोद पगारे पत्रकार के मार्गदर्शन में श्री द्वारकाधीश मंदिर परिसर में श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस शुक्रवार को व्यासपीठ पर विराजे महाराज श्री का स्वागत एवं पूजन क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, नगरपालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, निधि चौरे, आयोजन समिति के अध्यक्ष नीरज जैन, कार्यकारी अध्यक्ष विपिन चांडक, उपाध्यक्ष विष्णु शंकर पांडे, सचिव अभिषेक तिवारी, संयुक्त सचिव शैलेन्द्र दुबे, कोषाध्यक्ष प्रकाश मिश्रा, सहकोषाध्यक्ष अमित सेठ, घनश्याम तिवारी, देवेंद्र पटेल, दिनेश सैनी, झूलण सेवा समिति एवं अन्य सामाजिक - धार्मिक संगठनों के सदस्य एवं पदाधिकारियों सहित मंदिर समिति एवं आयोजन समिति पदाधिकारियों ने महाराज श्री का व्यासपीठ पर पूजन एवं स्वागत किया।
प्रवचन में हारमोनियम पर दिलीप जी, तबले पर दीपक दुबे, बैंजो पर श्रीराम जी, सहित संकटा प्रसाद मिश्र, दुर्गादत्त तिवारी एवं राहुल जी ने भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी।
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