ad

काव्य : खुशियां भर लो जीवन में - छगनलाल मुथा-सान्डेराव , मुम्बई


 

काव्य : 

खुशियां भर लो जीवन में


जो कभी कहा नहीं किसी को,कह ही देता हूँ आज।

अच्छा लगे तो अपनाना, मुझसे मत करना एतराज।


कुछ पल अपनों के साथ बिताना,करना दिल की बात।

दोस्त, परिचित परिवार जनों से,मिलना करना मुलाकात।


कुछ पल माता पिता के पास बैठकर, हाल चाल पूछ लेना।

कोई उलझन या परेशानी हो तो,उनसे राय मशविरा करना।


भाई बहन से प्यार से मिलना,सुख-दुख की बातें कर लेना।

अपने बीते  खुशी के लम्हों से, जीवन में खुशियां भर लेना।


परिवार में सभी बच्चों संग,बच्चा बनकर साथ में खेलना।

कैसे हो रही उनकी पढ़ाई,अपने जीवन का तजुर्बा  देना।


अगर हैसियत हो तुम्हारी,देना सभी को कोई भेंट सौगात।

अपने से छोटों को देना प्यार,और बड़ों से लेना आशीर्वाद।


अपनों के साथ बिताए पल से,मन खुशीयों से भर जाएगा।

बार-बार अपनों से मिलने,मुथा फिर से दिल तरस जाएगा।


- कवि छगनलाल मुथा-सान्डेराव , मुम्बई

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

Post a Comment

Previous Post Next Post