शासकीय कन्या महाविद्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के अंतर्गत प्रेरक कार्यक्रम का द्वितीय चरण संपन्न
इटारसी । शासकीय कन्या महाविद्यालय, इटारसी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के अंतर्गत विशेष प्रेरक कार्यक्रम के प्रथम एवं द्वितीय चरण सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस आयोजन ने छात्राओं को पोषण, आत्मनिर्भरता एवं सृजनात्मकता के विविध आयामों से परिचित कराया।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर छात्राओं की प्रतिभा एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। इस अवसर पर पोस्टर निर्माण, स्लोगन लेखन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्राओं ने ‘विकसित भारत में नारी की भूमिका’ एवं ‘पर्यावरण संरक्षण’ जैसे विषयों पर प्रभावशाली अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
प्रथम सत्र में विशेषज्ञ डॉ. जयश्री बाथम ने पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर संवाद करते हुए कहा कि संतुलित आहार एवं जागरूक जीवनशैली स्वस्थ जीवन की आधारशिला है, तथा युवा अवस्था में अपनाई गई अच्छी आदतें जीवनभर लाभ प्रदान करती हैं। द्वितीय सत्र में आर्ट शाला की संचालिका श्रीमती प्रियंका मालवीय ने हस्तशिल्प के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रचनात्मक कौशल न केवल आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि इन्हें स्वरोजगार का सशक्त माध्यम भी बनाया जा सकता है।
इसी क्रम में श्री अभिनंदन गौर ने गोमय उत्पादों के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आय के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य श्रीमती मंजरी अवस्थी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। इस प्रकार के आयोजन छात्राओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सजग एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। एनसीसी प्रभारी श्रीमती पूनम साहू ने छात्राओं में नेतृत्व क्षमता एवं अनुशासन के महत्व पर बल दिया, जबकि एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती नीतू अहिरवार ने समाज सेवा को व्यक्तित्व निर्माण का आधार बताया। संयुक्त रूप से उन्होंने कहा कि जब एक बेटी स्वावलंबी बनती है, तो वह पूरे समाज एवं राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. शिरीष कुमार परसाई द्वारा किया गया। उन्होंने प्रत्येक सत्र को वैचारिक गहराई प्रदान करते हुए छात्राओं को निरंतर सीखने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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