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भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए छात्राओं ने बढ़ाया संवेदनशीलता का हाथ


 

भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए छात्राओं ने बढ़ाया संवेदनशीलता का हाथ

सिवनी मालवा । शासकीय कन्या महाविद्यालय में वनस्पति शास्त्र विभाग, इको क्लब एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक पर्यावरणीय गतिविधि का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह आयोजन वर्तमान में बढ़ती भीषण गर्मी तथा उसके कारण पक्षियों एवं अन्य जीव-जंतुओं को होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए किया गया।

गर्मी के तीव्र प्रभाव को देखते हुए छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं जागरूकता का परिचय देते हुए “सकोरे” (मिट्टी के छोटे पात्र) महाविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर पेड़-पौधों पर सावधानीपूर्वक लटकाए। इन सकोरों में स्वच्छ जल भरकर पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस पहल ने न केवल परिसर को जीवंत बनाया, बल्कि प्रकृति के प्रति मानवीय संवेदनाओं को भी उजागर किया।

इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जीव-जंतुओं के प्रति करुणा तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास हुआ। छात्राओं ने स्वयं आगे बढ़कर इस कार्य में भाग लिया और यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में अनेक स्थानों पर सकोरे स्थापित किए गए, जिससे पक्षियों को भीषण गर्मी में जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। इस पहल से परिसर में पक्षियों की चहचहाहट भी बढ़ी, जो इस प्रयास की सफलता को दर्शाती है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, नैतिकता एवं प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।

इको क्लब सह प्रभारी डॉ. रजनीकांत वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए पर्यावरणीय संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय असंतुलन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, जिसे दूर करने के लिए ऐसे छोटे-छोटे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे इस प्रकार की गतिविधियों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

इको क्लब प्रभारी डॉ. सतीश बालापुरे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस प्रकार की छोटी-छोटी पहल करे, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

इसी क्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आकांक्षा पांडे ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सेवा और संवेदनशीलता ही एक सशक्त एवं जागरूक समाज की पहचान है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय योगदान दें।

कार्यक्रम का समापन सभी छात्राओं को इस प्रकार की रचनात्मक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों में निरंतर भागीदारी हेतु प्रेरित करते हुए किया गया। यह आयोजन न केवल महाविद्यालय परिसर में, बल्कि समाज में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश देने में सफल रहा।

इस अवसर पर इको क्लब तथा राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की छात्राएं एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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