भोजपुरी काव्य गोष्ठी -सह-भोजपुरिया मिलन समारोह आयोजित हुआ
रांची । झारखंड भोजपुरी विकास केंद्र के तत्वावधान में भोजपुरी काव्य गोष्ठी -सह-भोजपुरिया मिलन समारोह रांची के होटल सीटी पैलेस में सम्पन्न हुआ। समारोह की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने की। शिवनारायण सिंह, पूर्व प्रधान जिला एवं न्यायाधीश, रांची इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। समारोह का शुभारम्भ वाग्देवी के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्पांजलि, दीप प्रज्ज्वलन तथा पूनम वर्मा के सरस्वती वंदना से हुआ। संस्था के अध्यक्ष द्वारा अंग वस्त्र और पुष्पगुच्छ से मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया। संस्था के सचिव बिनोद सिंह गहरवार द्वारा सभी कवियों, कवयित्रियों एवं सभागार में उपस्थित विशिष्ट जनों का स्वागत किया गया। सभागार में उपस्थित सभी को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।
काव्यगोष्ठी में सीमा सिन्हा 'मैत्री', रजना वर्मा उन्मुक्त, रिम्मी वर्मा, जितेन्द्र तिवारी, सविता गुप्ता, सुनीता श्रीवास्तव 'जागृति', गीता चौबे 'गूँज', पूनम वर्मा, रेणु त्रिवेदी मिश्र, अर्पणा सिंह, अंकुश्री, बिनोद सिंह गहरवार, डॉ. उर्मिला सिन्हा एवं कुमार बृजेन्द्र ने काव्यपाठ किया। मंच का संचालन अर्पणा सिंह एवं पूनम वर्मा द्वारा किया गया। धर्मेंद्र तिवारी ने कार्यक्रम की सराहना की और भोजपुरी के विकास के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। मुख्य अतिथि शिवनारायण सिंह ने भोजपुरी को लोक मंगल की भाषा बताया और इसके सर्वव्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा , 'चाहे रहीह दिल्ली,बम्बे, चाहे रहीह मंसूरी में, पढ़िहऽ लिखिहऽ अफसर बनिहऽ, बतियइह भोजपुरी में।'
संस्था के अध्यक्ष निरंजन प्रसाद श्रीवास्तव ने भोजपुरी भाषा के इतिहास और इसकी शब्द संपदा एवं अभिव्यक्ति-सामर्थ्य का उल्लेख करते हुए इसे समृद्ध भाषा बतलाया। उन्होंने भोजपुरी भाषा में देश विदेश में हो रहे रचनाओं एवं कार्यो पर प्रकाश डाला तथा इसे संविधान के आठवीं सूची में सम्मिलित करने के लिए व्यापक जन आंदोलन चलाये जाने की बात कही। सभागार में उपेंद्र सिंह, पूर्व उत्पाद अधीक्षक, मनोज सिन्हा, महेश्वरजी, कृष्णा विश्वकर्मा 'बादल' आदि उपस्थित थे। समारोह का समापन डॉ. उर्मिला सिन्हा के धन्यवाद ज्ञापन एवं भोजपुरी राष्ट्रगीत बटोहिया के समवेत गायन से हुआ।
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