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मदर्स डे पर सदभावना मंच का आयोजन : ए मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी - प्रमोद जैन


 

मदर्स डे पर सदभावना मंच का आयोजन 

ए मां तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी - प्रमोद जैन 

खंडवा। माँ वह है जो सबकी जगह ले सकती है, लेकिन जिसकी जगह कोई और नहीं ले सकता। मां घर की धड़कन होती है और उसके बिना घर में कोई जान नहीं होती। माँ का प्यार एक दिशासूचक यंत्र की तरह होता है जो जीवन की यात्रा में हमारा मार्गदर्शन करता है। मां भगवान और प्रथम गुरु होती है। यह बात सदभावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने मातृ दिवस के मौके पर उपस्थित सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कही। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस दौरान श्री तोमर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री तोमर ने कहा कि माँ सिर्फ माँ ही नहीं होती, बल्कि हमारी सबसे अच्छी दोस्त भी होती है। सुरेंद्र गीते, अनूप शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए।श्री चौधरी एवं श्री शाक्य ने मां पर अपनी सुंदर कविता सुनायीं।इस दौरान सद्भावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, डॉ. जगदीशचन्द्र चौरे, सुरेंद्र गीते, पं. कृष्ण कुमार व्यास, राधेश्याम शाक्य, देवेंद्र जैन, निर्मल मंगवानी, त्रिलोक चौधरी, अनुप शर्मा, ललीत चौरे, गणेश भावसार, सतीश मुदीराज, महेश मूलचंदानी, धीरज नेगी, जीडी सराफ, डॉ.एमएम कुरैशी, कमल नागपाल, अशोक जैन, सुभाष मीणा, रजत सोहनी, कैलाश पटेल आदि सहित अनेक मंच सदस्यों ने विचार गोष्ठी, कविता एवं गीत के माध्यम से मां को नमन किया।

देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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