काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच वाराणसी की 196 वीं गोष्ठी में शायर मोमीन लोहतवी को श्रद्धांजलि दी गई
काशी । आज की गोष्ठी अपने निर्धारित समय से प्रारम्भ हुई जिसमें मोमीन लोहतवी को याद किया गया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता आदरणीय डा. छोटे लाल मनमीत, मुख्य अतिथि इकबाल लोहतवी ,विशिष्ट अतिथि श्री शिवमूरत पाल नदेसर, संचालन नाथ सोनांचली ने किया।
इस कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने अपने स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत व अभिनन्दन किया, तदोपरान्त सरस्वती बन्दना भी भुलक्कड़ बनारसी ने कर कार्यक्रम की शुरुआत किया।
आज की गोष्ठी में उपस्थित कवियों और शायरों में हास्य व्यंग्य कवि भुलक्कड़ बनारसी, सुबोध सिन्हा उर्फ बच्चा बिहारी, डा. छोटे लाल मनमीत, प्रवीण पाण्डेय, शिवमूरत पाल, वहिद इकबाल बनारसी, प्रदीप कुमार, नाथ सोनांचली, मृत्युंजय त्रिपाठी मलंग, जयप्रकाश मिश्र धानापुर, सत्यनारायण जी, आशिक बनारसी, राशिद, तनवीर लोहतवी, पाचू परिन्दा लोहतवी, गोपाल केशरी, अकरम रेवसई, जमाल बनारसी, व उमेश सिंह इत्यादि रहे।
आज की गोष्ठी में मरहूम मोमीन लोहतवी के कृत्य और साहित्य में उनके योगदान को याद किया गया और एक से एक रचना पढ़ कर उन्हें श्रृध्दांजलि काव्यांजलि अर्पित किया गया। अध्यक्ष भुलक्कड़ ने अपने गीतो के माध्यम से बताया कि ऐसे लोग कभी मरा नहीं करते सदा उनकी कृतियाँ गीत गज़ल के माध्यम से विद्यमान रहती है। सभी रचनाकारों अपने गीत गज़ल के माध्यम से उन्हें श्रृध्दांजलि अर्पित किए। उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया।
अंत में धन्यवाद ज्ञापित संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने किया ।
भुलक्कड़ बनारसी अध्यक्ष,
काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच, पंजीकृत, वाराणसी
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