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काव्य : जय बोलो चंदा चोरों की - श्रीमती श्यामा गुप्ता दर्शना, भोपाल



काव्य : 
आल्हा छंद में  प्रस्तुत 

जय बोलो चंदा चोरों की

जय बोलो चंदा चोरों की,
 मिलकर देखो किया कमाल।
धूल झौककर सब आँखों में ,
किया अवध में खूब धमाल।।

अवध नगरिया आज पुकारे, 
मर्यादा की सुन चित्कार।।
अपनों ने आतंक मचाया,
आन बचालो करें गुहार।।

मूक बने सब देख रहे हैं, 
चंदा चोरों का उत्पात।
शर्म,हया सब छोड़ चुके जो,
भूल सभी अपनी औकात।।

बनी हवेली बंगला न्यारे,
आज बने इनके घर-द्वार।
कुकर्मों की करके खेती,
लाये हैं सब आज बहार।।

आज अचंभित खड़ी जानकी,
देख रही यह दुर्व्यवहार। 
दुखित हृदय से आज निहारें,
चंदा चोरों को करतार।।

बदली रामराज परिभाषा,
खुद का समझ लिया है राज।
डाल के डाका ये मुस्काते,
समझ लिया है लंकाराज।।

राम भरोसे भक्त पुकारे,
इन्हें पछाड़ो हे हनुमान।
दुर्गत इनकी ऐसीं कर दें, 
भूलें सब अपनी पहचान।।

धर्म ध्वजा की गिरी आस्था, 
मन में उठते कई सवाल। 
अंतस होती बहुत ही पीड़ा। 
भक्तों का क्यों हुआ यह हाल।।

नयन राम के भींगे- भींगे,
हुई जानकी बहुत उदास।
कण-कण रोता आज अवध का,
सरयू भी है बड़ी निराश।।

- श्रीमती श्यामा  गुप्ता दर्शना वरिष्ठ बाल साहित्यकार भोपाल मध्यप्रदेश 
मोबाइल नंबर 
9399735476


देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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