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घर बैठे जनगणना, भारत की नई डिजिटल पहल-विवेक रंजन श्रीवास्तव


घर बैठे जनगणना, भारत की नई डिजिटल पहल

-विवेक रंजन श्रीवास्तव

       भारत की जनगणना केवल यह गिनने का काम नहीं है कि देश में कितने लोग रहते हैं। यह देश के घरों, परिवारों, सुविधाओं, संसाधनों और बदलती जीवनशैली का एक विशाल सामाजिक दस्तावेज भी है। इसी कारण 2027 की जनगणना भारत के लिए विशेष महत्व रखती है। यह देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। पहली बार इसकी पूरी प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर डिजिटल रूप दिया गया है और पहली बार नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा, Self Enumeration, दी गई है।

इसे सरल शब्दों में समझें तो अब जनगणना का एक हिस्सा ऐसा है जिसमें सरकार का कर्मचारी आपके घर आकर सारे प्रश्न पूछने के बजाय, परिवार का कोई सदस्य स्वयं इंटरनेट पर अपने घर और परिवार से संबंधित निर्धारित जानकारी भर सकता है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि सरकारी गणनाकर्मी आपके घर नहीं आएगा। स्वयं गणना करने के बाद भी गणनाकर्मी घर पर आकर जानकारी की पुष्टि करेगा।

एक महत्वपूर्ण बात शुरुआत में ही समझ लेना जरूरी है। Self Enumeration केवल Phase I, यानी Houselisting and Housing Census के लिए शुरू की गई सुविधा है। जनसंख्या गणना का दूसरा चरण अलग होगा। उसमें प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, प्रवासन आदि संबंधी जानकारी ली जाएगी। इस चरण में जाति संबंधी जानकारी भी ली जाएगी, लेकिन उसके प्रश्न अलग से अधिसूचित किए जाने हैं।

जनगणना 2027 में क्या नया है

भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 की जनगणना कोविड महामारी के कारण निर्धारित समय पर नहीं हो सकी। अब Census 2027 को दो चरणों में कराया जा रहा है।

पहला चरण है मकान सूचीकरण एवं मकान गणना, जिसे Houselisting and Housing Census कहा जाता है। इसमें घर की स्थिति, सुविधाएं, परिवार की कुछ मूलभूत जानकारी और घर में उपलब्ध प्रमुख साधनों का विवरण लिया जाता है।

दूसरा चरण है Population Enumeration, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। सामान्य क्षेत्रों में इसका संदर्भ समय 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे निर्धारित किया गया है। लद्दाख तथा कुछ बर्फीले क्षेत्रों के लिए अलग संदर्भ तिथि रखी गई है।

पहले चरण में Self Enumeration की सुविधा उस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में घर-घर गणना शुरू होने से ठीक पहले 15 दिनों के लिए उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए इसकी तारीख पूरे देश में एक जैसी नहीं है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश में यह अवधि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 थी।

इसलिए कोई व्यक्ति केवल यह देखकर कि पोर्टल उपलब्ध है, यह न माने कि उसके राज्य के लिए Self Enumeration अभी खुला है। अपने राज्य की निर्धारित अवधि पोर्टल पर अवश्य देखें।

स्वयं गणना करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट कौन सी है

Self Enumeration के लिए सरकार ने अलग पोर्टल बनाया है।

"भारत सरकार का आधिकारिक Self Enumeration Portal" (https://se.census.gov.in?utm_source=chatgpt.com)

ध्यान रखें कि इंटरनेट पर जनगणना के नाम से अनेक वेबसाइटें, वीडियो और अनौपचारिक गाइड उपलब्ध हो सकती हैं। सरकारी पोर्टल का पता स्वयं टाइप करना अधिक सुरक्षित है। सरकार ने भी नागरिकों को सही URL की पुष्टि करने की सलाह दी है।

Self Enumeration कौन कर सकता है

सामान्य परिवार, जिसे Census की भाषा में Normal Household कहा जाता है, इस सुविधा का उपयोग कर सकता है। सरकारी पोर्टल के अनुसार Institutional और Houseless Households के लिए यह Self Enumeration सुविधा उपलब्ध नहीं है।

परिवार का कोई भी सदस्य जानकारी भर सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं कि परिवार का मुखिया ही कंप्यूटर चलाए। लेकिन Head of Household के रूप में जिस व्यक्ति का नाम दर्ज किया जाएगा, उसे सावधानी से भरना चाहिए, क्योंकि पंजीकरण के बाद इस नाम को बदलने की सुविधा नहीं होती।

शुरू करने से पहले क्या तैयार रखें

स्वयं गणना भरने से पहले कुछ जानकारी अपने सामने रख लेना उपयोगी होगा।

घर का पूरा पता, जिला, गांव या शहर, मोहल्ला अथवा locality और पास का कोई पहचान योग्य landmark तैयार रखें।

घर में रहने वाले लोगों की सामान्य संख्या की जानकारी रखें।

घर का स्वामित्व, कमरों की संख्या और घर की बनावट से संबंधित जानकारी स्पष्ट हो।

पीने के पानी, बिजली, शौचालय, स्नान, रसोई, LPG या PNG और खाना पकाने के ईंधन की जानकारी रखें।

घर में उपलब्ध टीवी, रेडियो, इंटरनेट, कंप्यूटर या लैपटॉप, मोबाइल, दोपहिया और कार जैसी वस्तुओं की जानकारी भी सामने रखें।

एक सक्रिय मोबाइल फोन आवश्यक है, क्योंकि OTP के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। एक household के लिए एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग किया जाना चाहिए और वही नंबर किसी दूसरे household के Self Enumeration के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

अब समझिए पूरी प्रक्रिया, कदम दर कदम

पहला कदम, पोर्टल खोलिए

आधिकारिक Self Enumeration पोर्टल खोलिए और अपना State या Union Territory चुनिए।

इसके बाद CAPTCHA भरना होगा। सरकारी User Guide के अनुसार घर के स्थान को डिजिटल मानचित्र पर सही ढंग से चिन्हित करने के लिए laptop या desktop का उपयोग करना सुविधाजनक हो सकता है।

दूसरा कदम, Household Registration

अब Head of Household का नाम दर्ज करना होगा।

इसके बाद परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर डालना होगा। यह जरूरी है कि जिस नंबर का इस्तेमाल करें, वह सक्रिय हो और OTP प्राप्त कर सके।

Email ID देना वैकल्पिक है। यदि email देते हैं तो Self Enumeration ID वहां भी प्राप्त की जा सकती है।

यहां एक महत्वपूर्ण सावधानी है। Head of Household का नाम और चुनी गई भाषा बाद में बदली नहीं जा सकती। इसलिए Submit करने से पहले ध्यान से जांच लें।

तीसरा कदम, भाषा चुनिए और OTP भरिए

Self Enumeration पोर्टल पर भारतीय भाषाओं सहित 16 भाषाओं में सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अपनी सहज भाषा चुनें।

इसके बाद आपके मोबाइल पर OTP आएगा। OTP भरकर मोबाइल सत्यापित करें।

OTP किसी व्यक्ति को फोन पर बताने की जरूरत नहीं है। इसे केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही दर्ज करें।

चौथा कदम, अपने घर का पता भरिए

अब जिला, गांव या शहर, locality और आसपास के landmark जैसी जानकारी मांगी जाएगी।

यहां जल्दबाजी न करें। पता ऐसा भरें कि बाद में आने वाला गणनाकर्मी आपके घर की पहचान आसानी से कर सके।

पांचवां कदम, डिजिटल नक्शे पर अपना घर चिन्हित कीजिए

यह इस पूरी प्रक्रिया का सबसे रोचक हिस्सा है।

स्क्रीन पर डिजिटल नक्शा दिखाई देगा। उसमें लाल marker होगा। आपको इस marker को खींचकर अपने वास्तविक आवासीय भवन के स्थान पर रखना है और फिर उसे Save करना है।

इसका उद्देश्य केवल पता लिखना नहीं, बल्कि आपके घर की भौगोलिक स्थिति को Census के डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ना है।

यही वह जगह है जहां मोबाइल की छोटी स्क्रीन की अपेक्षा laptop या desktop अधिक सुविधाजनक हो सकता है।

अब शुरू होगा असली Census Form

इसके बाद घर से संबंधित प्रश्न सामने आएंगे।

पहले चरण में आधिकारिक प्रश्नावली में 33 मुख्य प्रश्न हैं। इनमें मकान की संरचना से लेकर पानी, बिजली, शौचालय, इंटरनेट और वाहन जैसी सुविधाओं तक की जानकारी शामिल है। इसके अतिरिक्त Census से संबंधित संपर्क के लिए मोबाइल नंबर लिया जाता है।

इन प्रश्नों को मोटे तौर पर समझना बहुत उपयोगी है।

मकान और उसकी संरचना

घर की फर्श, दीवार और छत किस प्रमुख सामग्री से बनी है, मकान का उपयोग क्या है और मकान की स्थिति कैसी है, जैसी जानकारी ली जाती है।

परिवार से संबंधित जानकारी

घर में सामान्य रूप से कितने लोग रहते हैं, परिवार के मुखिया का नाम और लिंग, तथा Head of Household Scheduled Caste, Scheduled Tribe अथवा अन्य श्रेणी में आता है या नहीं, जैसी जानकारी ली जाती है।

घर का स्वामित्व और रहने की स्थिति

मकान अपना है, किराये का है या किसी अन्य स्थिति में है, परिवार के कब्जे में कितने रहने योग्य कमरे हैं और कितने विवाहित दंपती रहते हैं, यह पूछा जाता है।

पानी और स्वच्छता

पीने के पानी का मुख्य स्रोत क्या है, पानी का स्रोत घर के भीतर है या आसपास, प्रकाश का मुख्य स्रोत क्या है, शौचालय उपलब्ध है या नहीं, शौचालय किस प्रकार का है और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था कैसी है, इन बातों की जानकारी ली जाती है।

स्नान और रसोई

क्या घर में स्नान की सुविधा है, रसोईघर उपलब्ध है या नहीं तथा LPG या PNG कनेक्शन है या नहीं, यह भी पूछा जाता है। खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन कौन सा है, इसकी जानकारी भी ली जाती है।

घर में उपलब्ध वस्तुएं

क्या घर में रेडियो या ट्रांजिस्टर है, टेलीविजन है, इंटरनेट की सुविधा है, laptop या computer है, telephone/mobile/smartphone है, bicycle या scooter/motorcycle/moped है तथा car/jeep/van है, यह भी पूछा जाता है।

अंत में परिवार मुख्य रूप से कौन सा cereal यानी अनाज खाता है, यह प्रश्न भी शामिल है।

इस सूची को देखकर एक महत्वपूर्ण बात समझ आती है। Census केवल यह नहीं पूछ रही कि भारत में कितने लोग हैं, बल्कि वह यह समझने की कोशिश भी कर रही है कि भारत के लोग किस तरह के घरों में रहते हैं और उनके जीवन की बुनियादी सुविधाएं कितनी बदली हैं।

क्या हर प्रश्न का उत्तर अनुमान से दे सकते हैं

नहीं।

जनगणना में अनुमान लगाने की जगह वास्तविक स्थिति के अनुसार उत्तर देना सबसे उचित है।

उदाहरण के लिए यदि घर में इंटरनेट किसी मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध है, तो प्रश्न में दी गई परिभाषा और विकल्प देखकर उसी के अनुसार उत्तर दें। इसी तरह LPG कनेक्शन और खाना पकाने के मुख्य ईंधन को एक ही बात न समझें। एक परिवार के पास LPG कनेक्शन हो सकता है लेकिन वह मुख्य रूप से किसी दूसरे ईंधन का उपयोग करता हो।

इसी तरह घर अपना है या किराये का, कमरों की संख्या कितनी है और पानी का मुख्य स्रोत क्या है, इन प्रश्नों में अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है।

Portal में FAQs, tool tips और validation checks भी दिए गए हैं ताकि उत्तर भरते समय सहायता मिल सके।

सबसे महत्वपूर्ण चरण, Final Review

सभी प्रश्न भरने के बाद तुरंत Final Submit न करें।

एक बार पूरा form दोबारा पढ़ें।

नाम सही है या नहीं।

मोबाइल नंबर सही है या नहीं।

घर की location सही है या नहीं।

परिवार में रहने वाले लोगों की संख्या सही है या नहीं।

घर अपना है या किराये का, सही विकल्प चुना है या नहीं।

पानी, बिजली, शौचालय और खाना पकाने के ईंधन के उत्तर वास्तविक स्थिति के अनुरूप हैं या नहीं।

घर में उपलब्ध digital उपकरणों और वाहनों के विकल्प सही भरे हैं या नहीं।

किसी प्रश्न को केवल इसलिए 'हाँ' या 'नहीं' न करें क्योंकि वह सुविधाजनक लगता है।

सरकार ने Self Enumeration में validation checks उपलब्ध कराए हैं ताकि असंगत जानकारी मिलने पर प्रणाली उसे जांच सके।

Submit करने के बाद क्या होगा

जब आप जानकारी की अंतिम पुष्टि करके Submit करेंगे तो आपको एक Self Enumeration ID, यानी SE ID मिलेगी। आधिकारिक User Guide के अनुसार सफल submission के बाद यह विशिष्ट ID उत्पन्न होती है।

इसे सुरक्षित रखें।

बेहतर है कि इसका screenshot ले लें और यदि संभव हो तो email पर भी सुरक्षित रखें।

यह नंबर आगे तब उपयोगी होगा जब Census Enumerator आपके घर आएगा।

क्या Self Enumeration करने के बाद सरकारी कर्मचारी घर आएगा

हां।

यही इस व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण बात है।

Self Enumeration का अर्थ यह नहीं है कि नागरिक द्वारा भरी गई जानकारी को बिना जांच के अंतिम Census record मान लिया जाएगा।

Enumerator घर-घर जाएगा और Self Enumeration से प्राप्त जानकारी की पुष्टि करेगा। उसे SE ID बतानी होगी। इसके बाद वह रिकॉर्ड को verify और confirm करेगा।

इस व्यवस्था का फायदा यह है कि परिवार ने पहले ही जानकारी भर दी है, इसलिए गणनाकर्मी के सामने वही बातें दोबारा विस्तार से बताने की आवश्यकता कम हो सकती है।

साथ ही घर-घर गणनाकर्मी की यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि कोई परिवार केवल इसलिए जनगणना से बाहर न रह जाए कि उसने Self Enumeration नहीं की। सरकार ने स्पष्ट किया है कि Enumerator पूरे क्षेत्र में घर-घर जाएगा।

क्या Self Enumeration अनिवार्य है

नहीं। यह वैकल्पिक सुविधा है।

यदि किसी व्यक्ति ने Self Enumeration नहीं की है, तो उसका घर सामान्य प्रक्रिया के अनुसार गणनाकर्मी द्वारा कवर किया जाएगा।

इसलिए जिन लोगों को इंटरनेट का उपयोग करने में कठिनाई है, उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

सुरक्षा को लेकर क्या सावधानी रखें

जनगणना में परिवार से जुड़ी जानकारी ली जा रही है, इसलिए साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सरकार के अनुसार Self Enumeration से संबंधित डेटा को सुरक्षित सरकारी सर्वरों पर रखा जाता है और डेटा सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए गए हैं।

लेकिन नागरिकों की अपनी सावधानी भी जरूरी है।

केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें।

OTP किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।

किसी WhatsApp संदेश में आए संदिग्ध link से Census portal न खोलें।

यदि कोई व्यक्ति Census के नाम पर बैंक PIN, ATM PIN, password या पैसे मांगता है तो सावधान हो जाएं। Census form भरने के लिए ऐसी जानकारी की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने यह भी बताया है कि आधिकारिक Census SMS या OTP संचार में RGICEN keyword दिखाई देगा। फिर भी केवल sender name देखकर संदेश को स्वतः सुरक्षित न मानें, बल्कि official portal और सूचना से उसका मिलान करें।

एक और जरूरी भ्रम, यह Population Census नहीं है

कई लोगों को Self Enumeration देखकर लगता है कि उन्होंने 2027 की पूरी जनगणना भर दी।

ऐसा नहीं है।

यह मुख्यतः पहले चरण की Houselisting and Housing Census है।

इसमें घर, सुविधाओं और कुछ household information का विवरण लिया जा रहा है।

व्यक्तिगत स्तर पर विस्तृत जनसंख्या गणना दूसरा चरण है। उसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, migration, fertility आदि से संबंधित जानकारी ली जाएगी। जाति की गणना भी दूसरे चरण में की जाएगी। उस चरण के प्रश्न अलग से अधिसूचित किए जाने हैं।

इस अंतर को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि आज Self Enumeration कर देने का अर्थ यह नहीं है कि परिवार के प्रत्येक व्यक्ति की पूरी Population Enumeration भी पूरी हो गई।

2027 की जनगणना क्यों महत्वपूर्ण है

जनगणना का महत्व केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं है।

किसी क्षेत्र में कितने परिवार हैं, कितने घरों में शौचालय है, पानी कहां से आता है, कितने घरों में इंटरनेट पहुंच चुका है, कितने परिवारों के पास वाहन हैं, खाना पकाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल हो रहा है, जैसी सूचनाएं देश के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को समझने में मदद करती हैं।

इसी डेटा से सरकार को आवास, पेयजल, स्वच्छता, ऊर्जा, परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अनेक सार्वजनिक योजनाओं की योजना बनाने के लिए आधार मिलता है।

आज का भारत गांव और शहर, कच्चे और पक्के घर, रेडियो और स्मार्टफोन, कुएं और पाइपलाइन, लकड़ी और LPG, इन सभी बदलावों से गुजर रहा है। Census इन परिवर्तनों को एक विशाल राष्ट्रीय तस्वीर में दर्ज करती है।

इस अर्थ में Self Enumeration केवल एक ऑनलाइन form नहीं है। यह नागरिक को पहली बार देश की सबसे बड़ी सांख्यिकीय प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदार बनाता है।

अंत में चार बातें हमेशा याद रखें

पहली, Self Enumeration वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं।

दूसरी, यह सुविधा राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में घर-घर Houselisting शुरू होने से पहले निर्धारित 15 दिनों के लिए उपलब्ध होती है।

तीसरी, form भरने के बाद मिलने वाली SE ID को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि Enumerator के सत्यापन के समय इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।

चौथी और सबसे महत्वपूर्ण, Self Enumeration करने के बाद भी Census Enumerator के घर आने पर सहयोग करें। वह जानकारी की पुष्टि करने के लिए आएगा।

भारत की जनगणना करोड़ों लोगों के जीवन का सामूहिक चित्र तैयार करती है। पहली बार इस चित्र की एक छोटी सी रेखा नागरिक स्वयं खींच सकता है। डिजिटल तकनीक ने जनगणना को केवल सरकारी दफ्तरों की प्रक्रिया न रखकर नागरिक सहभागिता का अवसर भी बना दिया है।

एक परिवार, लगभग 15 से 20 मिनट, कुछ सही उत्तर और एक SE ID, लेकिन इसके पीछे तैयार होने वाला आंकड़ा पूरे देश की योजना और भविष्य को प्रभावित कर सकता है।

आधिकारिक जानकारी के लिए:
"Census of India, भारत सरकार" (https://censusindia.gov.in/census.website/en?utm_source=chatgpt.com)
"Self Enumeration Portal" (https://se.census.gov.in?utm_source=chatgpt.com)

-विवेक रंजन श्रीवास्तव
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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