प्रभात साहित्य परिषद,भोपाल की राष्ट्रीय रचनाओं पर आधारित काव्य गोष्ठी संपन्न
,भोपाल। राजधानी की चर्चित संस्था प्रभात साहित्य परिषद द्वारा *राष्ट्रीय रचनाओं पर आधारित* काव्य गोष्ठी का आयोजन हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में वरिष्ठ गीतकार अशोक निर्मल के संरक्षण में एवं वरिष्ठ साहित्यकार महेश प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में तथा साहित्य मर्मज्ञ राजेंद्र शर्मा 'अक्षर' के मुख्य आतिथ्य में एवं विद्या श्रीवास्तव के विशेष आतिथ्य में तथा मधुलता शर्मा के संचालन में किया गया.
इस अवसर पर पिछली काव्य गोष्ठी की सर्वश्रेष्ठ चुनी गई रचना के लिये पदम चंद गांधी को सरस्वती प्रभा सम्मान से अलंकृत किया गया.
सरस्वती वंदना के उपरान्त काव्य गोष्ठी के आरम्भ में हीरालाल पारस ने पढ़ा " अनेकता में एकता, भारत की विशेषता " वहीं वहीं महेश प्रसाद सिंह ने पढ़ा " धधक रही है धवल धरती बिगड़ रहे परिवेश, आखिर कैसे बच पायेगा प्यारा भारत देश " वहीं रमेश नन्द ने पढ़ा " सबको पड़ी है अपनी-अपनी इज़्ज़त और सम्मान की, किसने जानी किसने समझी पीड़ा हिन्दुस्तान की " वहीं पं.सुरेश नारायण शर्मा ने पढ़ा " पराधीन की जकड़न से अब मेरा भारत ऊब गया, स्वाभिमान का स्वर्ण मुकुट अब भारत के सिर चमक गया " वहीं आबिद काजमी ने पढ़ा "इसमें किसी की जीत किसी की न मात हो, दो पल तो साथ बैठो मुहब्बत से बात हो " वहीं डॉ. औरीना अदा ने पढ़ा " जो अमन ओ मसाबात मुहब्बत का चमन है, ये मेरा वतन मेरा वतन मेरा वतन है "वहीं मधु लता शर्मा ने पढ़ा " भारत माँ की धरती का वह अनुपम वीर महान था, अपने रक्ताक्षरों से लिखा स्वाधीनता का प्रथम गान था" इनके इलावा बी एल गोहिया ,राजेश तिवारी, सुनीता शर्मा, निसार अहमद, शफी लोदी, रणजीव झा,अखिलेश लोधी, चंद्रहास शुक्ल, संतोष सोनी, सुरेश पवरा,डॉ. अनीता तिवारी, नीति राज चोरे आदि ने भाग लिया.
अंत में अशोक धमेंनिया ने सभी का आभार व्यक्त किया स्व. कैलाश चंद पंत जी को दो मिनिट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
संस्थापक
रमेश नन्द
प्र. सा.परि.,भोपाल
मो.9893856262 - 9340847491
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साहित्यिक समाचार
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