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चालीहा महोत्सव: गुजरात और सिंध से पधारे संतों का हुआ स्वागत, भगवान झूलेलाल के जीवन पर प्रकाश डाला



चालीहा महोत्सव: गुजरात और सिंध से पधारे संतों का हुआ स्वागत, भगवान झूलेलाल के जीवन पर प्रकाश डाला 

इटारसी। सिंधी कॉलोनी स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में सिंधी समाज द्वारा श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाए जा रहे चालीहा महोत्सव का माहौल इन दिनों पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है। इसी कड़ी में महोत्सव के 23वें दिन एक अत्यंत भव्य और विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश से पधारे प्रतिष्ठित संतों के सान्निध्य ने भक्तों को अभिभूत कर दिया

संतों का भव्य स्वागत और अभिनंदन 

इस पावन अवसर पर गुजरात से पधारे प्रख्यात 'शेहरा वाले साईं' और विशेष रूप से सिंध से पधारे 'साईं मुकेश लाल साहेब' का इटारसी की धरती पर पहुंचने पर सिंधी समाज ने अभूतपूर्व स्वागत किया। पुष्पमालाओं और जयकारों के साथ दोनों संतों का अभिनंदन किया गया, जिससे पूरा प्रांगण भक्ति के रंगों से सराबोर हो गया।
कार्यक्रम पर एक नज़र
 संतों का सान्निध्य व प्रवचन: कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में शेहरा वाले साईं ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान झूलेलाल के संपूर्ण जीवन वृत्त का विस्तार से वर्णन सुनाया। उनके ओसपूर्ण वचनों को सुनकर भक्त भाव-विभोर हो उठे।
 धार्मिक जानकारी एवं महत्व: संतों ने भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए विस्तार से बताया कि चालीहा महोत्सव क्यों मनाया जाता है और इसके पीछे का ऐतिहासिक व आध्यात्मिक महत्व क्या है। इसके साथ ही, उन्होंने चालीहा के दौरान की जाने वाली पूजा-अर्चना की पूरी विधि का भी सुंदर वर्णन किया।
 इस ऐतिहासिक अवसर पर नर्मदापुरम की पूज्य पंचायत, पूज्य पंचायत सिंधी समाज इटारसी, झूलण सेवा समिति के पदाधिकारी, सिंधी समाज के अन्य तमाम संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष व युवा बंधु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर दोनों संतों का दिल खोलकर स्वागत किया और चरण वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह आयोजन इटारसी के सिंधी समाज के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव रहा, जिसने सभी में आपसी प्रेम, भाईचारे और धार्मिक निष्ठा की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया।
देवेन्द्र सोनी नर्मदांचल के वरिष्ठ पत्रकार तथा युवा प्रवर्तक के प्रधान सम्पादक है। साथ ही साहित्यिक पत्रिका मानसरोवर एवं स्वर्ण विहार के प्रधान संपादक के रूप में भी उनकी अपनी अलग पहचान है। Click to More Detail About Editor Devendra soni

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